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बुक रिव्यू: डार्क नाइट- काम, माया और सौंदर्य में उलझी जिंदगी

प्रिया और माया के आकर्षण में डोलता कबीर, उस दोराहे के जंक्शन पर पहुंचता है, जहां उसकी पुरानी कल्पनाएं जीवित… Read More

एडमिन

पुण्यतिथिः शशि सूर्य हैं फिर भी कहीं, उनमें नहीं आलोक है – मैथिलीशरण गुप्त

यह रिवर्स टैलेंट का दौर है,जब संघर्षों की आवश्यक प्रक्रियाएं रोचक कहानियों के आवरण में सहानुभूतिक शब्दों के टैगलाइन के… Read More

अंकित शुक्ला

‘आखिर हम जा कहां रहे हैं?’ कब तक यह सवाल रटा जाएगा?

दंगल गर्ल के नाम से मशहूर 17 वर्षीय बाल अभिनेत्री ज़ायरा वसीम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके यह… Read More

दिव्यमान

कार्टून: सनक और मूर्खता का कोई हल नहीं

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लोकल डिब्बा टीम

6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख

यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े… Read More

एडमिन

शबा का पिंक स्वेटर

अनुज को सब याद है..... पिंक स्वेटर का डिज़ाइन जो माँ ने खान आंटी से सीखा था, उस स्वेटर का… Read More

शब्दिता पल्लव

पॉलिटिकल लव: प्यार में ईवीएम जैसा बहाना मत बनाना

हमारे प्यार में कितनी बँधाएं हैं ना? कितनी भी हों राम मंदिर से कम ही हैं, वैसे राम मंदिर की… Read More

अभय

अजीत आगरकर: वह सितारा जो धुंधला हुआ तो फिर ना चमका

BY: दया सागर आर्य अजीत आगरकर, एक लंबे कद का छरहरा खिलाड़ी, जो दाएं हाथ से मध्यम तेज गेंदबाजी और… Read More

सागर

‘मेरे पास मां है’- सिनेमा जब तक रहेगा, ये शब्द गूंजते रहेंगे

साल 1951, फिल्म थी आवारा, राज कपूर के बचपन का रोल निभाते हुए एक छोटा सा बच्चा स्कूल मास्टर से… Read More

एडिटर

जन्मदिन विशेष: भारत के पहले राष्ट्रपति जिन्हें नेहरु ने कभी राष्ट्रपति नहीं समझा

भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का वह दौर जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफत का दूसरा नाम महात्मा गांधी था, उस दौर में… Read More

एडिटर