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नेशनल

ना सुबह से एक आलू बिका है, ना बिका एक कांदा

''ना सुबह से एक आलू बिका है और ना बिका एक कांदा'' ये एक फिल्मी डायलॉग है लेकिन यही आज… Read More

अबकी बार बलात्कारियों को नहीं माफ करेगी राज्य सरकार

बलात्कार पर जब भी कोई कठोर कानून बनाने की मांग होती है, तब बुद्धिजीवियों में से ही तमाम लोग सामने… Read More

मूर्तियां तोड़ने/बनाने से विचारधारा खत्म/स्थापित हो जाती है?

त्रिपुरा में लेफ्ट और राइट की लड़ाई के कुछ प्रत्याशित परिणाम नजर आने लगे हैं। पहले बीजेपी नेता हेमंत बिस्व… Read More

वोट देने से कुछ होता तो 2 सीट वाली पार्टी सत्ता में न आती

वह लोकतंत्र कभी मज़बूत नहीं कहला सकता जिसमें विरोधी देशद्रोही तक गिने जाने लगें और बहुमत पक्ष जो मर्ज़ी कर… Read More

लड़कियों पर वीर्य फेंक होली को बदनाम मत करो

वीर्य से भरा गुब्बारा फोड़कर कहना कि बुरा न मानो होली है, कहाँ तक सही है? सुनने में बेहद सा… Read More

SSC Protest: क्या परीक्षा के नाम पर हो रही है धांधली..!

सरकारों से सवाल पूछने पर छात्रों को हतोत्साहित किए जाने की परंपरा कितनी पुरानी है यह अलग विषय है पर… Read More

क्लिकबेट वाला मीडिया और मौत में दफन होते मुद्दे

एक गाना याद आ रहा है ‘भूल गया मैं सब कुछ, अब याद नहीं है अब कुछ’ यही हाल मीडिया… Read More

क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?

लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू… Read More

घर लौटना चाहता है 1857 की क्रांति का एक सिपाही

लंदन के एक पब लॉर्ड क्लायड के मालिकों ने साउथ ईस्ट एशिया के इतिहास पर काम करने वाले इतिहासकार किम… Read More

पॉलिटिकल लव: प्यार के बजट की समीक्षा

इस बार कहाँ जा रहे हो कासगंज जाने की सोच रहा हूँ क्यों तुमको भी अपनी रोटियां सेंकनी है वहाँ… Read More