Tag: indian cinema
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बर्थडे स्पेशल: एक साल में चालीस फिल्में साइन करने वाला सुपरस्टार
भारतीय सिनेमा का अपना एक दौर रहा है. अपने उम्र की ढलान पर एक बार राजेश खन्ना किसी अवार्ड शो में अमिताभ बच्चन से अवार्ड लेने के बाद अपनी ही फिल्म का एक डायलाग बोलते हैं कि ‘ये भी एक दौर है, वो भी एक दौर था’. उस डायलाग में राजेश खन्ना सिनेमाई दौर के…
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‘मेरे पास मां है’- सिनेमा जब तक रहेगा, ये शब्द गूंजते रहेंगे
साल 1951, फिल्म थी आवारा, राज कपूर के बचपन का रोल निभाते हुए एक छोटा सा बच्चा स्कूल मास्टर से कहता है, ‘मास्टर साहब ये ब्रश है और ये पॉलिश है, मैं बहुत अच्छा बूट पॉलिश करता हूं’ उसी फिल्म में वो एक रोटी के लिए दर-दर की ठोकरें खाता है और अंत में रोटी…
