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युद्ध अपरिहार्य न हो तो गांधी वक़्त की ज़रूरत हैं
भारत में किसी की भी सरकार आए……गांधी को पूजना उसकी मजबूरी है, लेकिन उनके सिद्धातों को अपनाना नहीं. कोई अपना भी नहीं सकता. गांधी आदर्श स्थिति हैं.
डिस्क्लेमर: ढिंचैक पूजा की तरह बदनाम होने हेतु लिखा गया एक लेख
ढिंचैक पूजा की तरह मेरी भी कोशिश है कि मैं वायरल हो जाऊं। मैं भी कुछ ऐसे गाने बनाऊं जैसे…
भवानी प्रसाद मिश्रः जन्मदिन विशेष – ‘सतपुड़ा के घने जंगल’
अज्ञेय के दूसरे तारसप्तक के कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने इस देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल तक के इतिहास को अपनी आंखों से देखा है।
