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Tag: politics

  • राहुल गांधी अबकी कांग्रेस से परिवारवाद खत्म करवा ही देंगे?

    कांग्रेस लंबे समय से अनिश्चितिता के दौर से गुजर रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। महीनों मान-मनौवव्वल के बाद भी वह नहीं माने तो फिर से सोनिया गांधी को ही अंतरिम अध्यक्ष बना दिया गया। पार्टी के उसी बोरिंग काम करने के…

  • नागरिकता कानून: शरणार्थियों के प्रति दया नहीं यह ख़ालिस राजनीति है

    बहुमत के दम पर मोदी सरकार ने एक और मनमानी कर डाली है। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 अब कानून बन गया है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार का नुकसान क्या है, यह हमें देखने को मिल रहा है। इससे पहले इंदिरा गांधी को भी मजबूत सरकार मिली थी। इंदिरा और संजय गांधी ने भी जमकर ‘मजबूत…

  • महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?

    महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?

    छल, कपट, प्रपंच और संभावित धोखा! वर्तमान में राजनीति का यह स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। कपट हर किसी के मन में है। मौका मिलने पर हर कोई छह करने को तैयार है। महीने भर से चल रही बैठकों में प्रपंच हो रहा है। हर कोई तैयारी कर रहा है। मौका मिलते…

  • क्या बीएसपी में मायावती की जगह ले पाएंगे आकाश आनंद?

    क्या बीएसपी में मायावती की जगह ले पाएंगे आकाश आनंद?

    क्या बीएसपी में मायावती की जगह ले पाएंगे आकाश आनंद? दिखने में स्मार्ट, जींस और शर्ट पहनने वाला और विदेश से पढ़ा हुआ लड़का। भारत में इतने गुण एक नेता के पॉप्युलर होने के लिए काफी हैं लेकिन नए-नवेले आकाश आनंद के पास इसके अलावा सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है कि वह बीएसपी चीफ मायावती…

  • बिहार परिवहन: जाति की गाड़ी और ‘सुशासन’ का पहिया

    बिहार परिवहन: जाति की गाड़ी और ‘सुशासन’ का पहिया

    आजादी के इतने सालों के बाद भी व्यवस्था लाख दावे करे लेकिन वह जाति व्यवस्था को कमजोर नहीं कर सकी है। अगर दूसरे शब्दों में कहा जाए तो व्यवस्था ही जाति आधारित राजनीति की अप्रत्यक्ष रूप से पोषक है। समय के साथ यह व्यवस्था धीरे-धीरे विघटनकारी होती जा रही है। दुर्भाग्य से यह देश के…

  • महराजो! भारत में ‘पूड़ी पॉलिटिक्स’ समझते हैं क्या होता है?

    महराजो! भारत में ‘पूड़ी पॉलिटिक्स’ समझते हैं क्या होता है?

    हो सकता है बहुतों को राजनीति की इस शाखा के बारे में कुछ भी न पता हो। भला हो भी कैसे सकता है! दरअसल दुनिया भर के पॉलिटिकल साइंस की किसी भी किताब में इसका जिक्र हो, ऐसा सुनने को नहीं मिलता है। ऑक्सफ़ोर्ड, कैलिफोर्निया, हॉवर्ड, मैसाचुएट्स, मिलान यूनीवर्सिटी से लेकर DU, JNU, AMU JMI…

  • इस तरह सिर्फ सियासत बचेगी और इंसाफ मर चुका होगा

    इस तरह सिर्फ सियासत बचेगी और इंसाफ मर चुका होगा

    पाकिस्तान के कितने हाथ हैं जी? हर जगह पहुंच जाते हैं, कोई सरकार हार जाए या कोई घटना हो जाए सब में पाकिस्तान का हाथ होता है। देश में अगर रेप हो रहा है, उसमें भी पाकिस्तान का हाथ है। इसका मतलब पाकिस्तान के हाथ हमारे कानून से भी लंबे और मजबूत हैं। ये सब…

  • जनता तो आम आदमी पार्टी को पहले ही एक ‘पार्टी’ मान चुकी है

    जनता तो आम आदमी पार्टी को पहले ही एक ‘पार्टी’ मान चुकी है

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम जैसे ही सामने आए, लगभग सभी आलोचना करने लगे और बोलना शुरू कर दिया कि आम आदमी पार्टी खत्म हो गई, उसने लोगों का विश्वास तोड़ दिया। मान लीजिए ये सब सही है लेकिन आप भूल रहे हैं कि यही वह आम आदमी पार्टी है, जिसने…

  • पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं

    तुम भी भारतीय रेल हो गए हो अरे क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो? जब देखो जब तुम्हारी हालत खस्ता ही नजर आती है. हाहाहा, कहो तो वास्कोडिगामा बन जाऊं रहने दो आज वो भी पटरी से उतर गए. अच्छा तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? उतना ही जितना पाकिस्तान हाफिज सईद से, यानी…

  • फिल्मों को राजनीतिक अखाड़े में खींचना कितना जायज?

    फिल्मों को राजनीतिक अखाड़े में खींचना कितना जायज?

    तमिल के सुपरस्टार विजय की पिछले दिनों रिलीज़ हुई फ़िल्म मर्सल (mersal) को लेकर खड़ा हुआ विवाद पूरा राजनीतिक रंग ले चुका है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, ऐटली के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म चिकित्सा में व्याप्त भ्रष्टाचार के गंभीर मुद्दे पर बनायी गयी है और यह फ़िल्म भारत और विदेशों में…