Day: October 2, 2016
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नमस्कार मैं कूड़ा बोल रहा हूं
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, नमस्कार| कल मैंने और मेरे समाज ने आपका भाषण सुना। आप हमें घरों से लेकर शहरों तक से निकालने की बात कह रहे थे|पर उस वक़्त हमारी हिम्मत और भी टूट गयी जब आपके इस खिलाफ़त आन्दोलन का,इस शाजिश का सभी ने तालियों से स्वागत किया। पर आज मैं आपसे एक प्रश्न…