Tag: जंगल
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सब राहों के अन्वेषी बचे-खुचे जंगलों के साथ ही कट गये
अब नहीं हैं प्रणययार्थी, न उनकी गणिकाऐं, वो गदिराए बदन भी नहीं हैं जिनपर लिख सको कामसूत्र जैसा ग्रंथ तुम ज्ञान के लिए यात्राएँ क्यों करोगे जब तुम्हारे हाथ में किताबें हैं जिनमें लिखे हैं यात्राओं के विवरण
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इंटरव्यू: पढ़ें, कट रहे जंगलों पर क्या है पेड़ों का कहना
आज हम जिनकी बात करने जा रहे हैं, शायद कल हमारी आने वाली पीढ़ी उन्हें बस इंटरनेट पर ही देख पाएगी। जिनकी आज बात करने जा रहे हैं, वो इतने खास हैं कि पृथ्वी उनके बिना आपने आप को अधूरा मानती है। और उनके लिए अपनी पृथ्वी एक गाना गाती है ‘मैं रहूँ या ना…
