Tag: Hindi Poem on Migrants Workers
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हम फिर वापस आएंगे!
फिर से हम जिन्दा लाशें,अपने मरे हुए सपनों से, नाउम्मीदी ओर जिल्लत की जिंदगी सेफिर से हम आपके रुके हुए शहर को चलना सिखाएंगे,फिर से आपकी जिंदगी खुशनुमां बनाएंगे.

फिर से हम जिन्दा लाशें,अपने मरे हुए सपनों से, नाउम्मीदी ओर जिल्लत की जिंदगी सेफिर से हम आपके रुके हुए शहर को चलना सिखाएंगे,फिर से आपकी जिंदगी खुशनुमां बनाएंगे.