Tag: अलग अलग दुनिया के सारे एक जगह जाकर बसना है
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आपस में क्यों बैर करें सब?
हाथ एक से पांव एक से शहर एक से गांव एक से, एक सा चेहरा , एक सी सोच एक ही जीवन एक ही खोज, एक से हैं हम सारे फिर भी एक जैसे ना रहते लोग, एक जैसी सब बात हैं करते इक दूजे से सब ऐठे हैं, एक नदी में सफर है सबका…