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  • हाथ गर्दनें मरोड़ने के लिए भी होते हैं: पाश

    हाथ गर्दनें मरोड़ने के लिए भी होते हैं: पाश

    अवतार सिंह संधू ‘पाश’, जन्मजात विद्रोही। विद्रोह जिनका स्वभाव था, जो उनकी लेखनी में हर जगह दिखा। विद्रोही तेवर और बदलाव की छटपटाहट ने उन्हें क्म्युनिस्ट पार्टी का सदस्य बनाया। विद्रोह को आवाज देने के लिये कवितायें लिखीं जो विद्रोहियों का सामूहिक गान बना। कविताएं पाश के लिये महबूब की जुल्फों तले शाम करने के…