Tag: राम मनोहर लोहिया

  • ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं

    ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं

    नहीं पता कि नौजवान पीढ़ी लोहिया को कितना जानती है। ये भी नहीं पता की 90 के दशक या उसके बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी जिसने समाजिक मूल्यों  के हर पहलू में गिरावट देखी हो, वो लोहिया को कैसे याद करती है। करती भी है या नहीं इसमें सन्देह है। समाज को आईना दिखाने वाली…