Tag: bhakt
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अपराधों पर पुलिसिया ढिलाई और आरोपियों के पक्ष में खड़े ट्रोल
शायद वह जमाना चला गया, जब दमन की किसी घटना पर जनता सड़क पर उतर आती थी। हाथरस में गैंगरेप/हत्या का मामला भी कुछ ऐसा ही है। इसका कारण यह है कि एक बड़ा वर्ग न जाने किस प्रतिबद्धता के तहत सरकारी दमन के पक्ष में होता है। सबको पता होता है कि गलत हो…
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भक्तो! मजबूर तुम हो, बीजेपी और अमित शाह नहीं
विकल्पहीनता धीरे-धीरे निरंकुशता को जन्म देती है। भारतीय राजनीति में भी एक बार फिर से यह प्रासंगिक हो चला है। इंदिरा-संजय गांधी की जोड़ी के बाद अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी हर जगह वही करती है, जो वो चाहती है। इंदिरा ने भी संगठन में खुद से बड़ा किसी को बनने नहीं…