Author: लोकल डिब्बा टीम
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भवानी प्रसाद मिश्रः जन्मदिन विशेष – ‘सतपुड़ा के घने जंगल’
अज्ञेय के दूसरे तारसप्तक के कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने इस देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल तक के इतिहास को अपनी आंखों से देखा है।
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क्या ममता दीदी, मोदी भइया का दिवाला निकालने में कामयाब हो जाएंगी?
नमस्कार मैं चकित पत्रकार! कुछ बातें हमारे कानों में चींटी की तरह हलती हैं और चुप्पी दाब के निकल जाती हैं. जब तक दिमाग कुछ सोचने का कष्ट करे तब तक मैटर डिसलोकेट हो जाता है. मैटर है ममता बनर्जी का. तीसरा मोर्चा. भले ही इस मोर्चे में 7 से ज्यादा बार मुर्चा(जंग) लग गई…
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आखिर क्यों कंपकपा रही है भाजपा अध्यक्ष की जुबान?
बचपन में एक बार सुना था कि 24 घंटे में एक बार हर आदमी की जीभ पर सरस्वती बैठती हैं. उस वक्त वह सही कह रहा होता है. जैसे येदियुरप्पा को सबसे भ्रष्ट अमित शाह ने ही करार दिया. कहना तो वह सिद्धारमैया को चाहते थे लेकिन अपने ही सिपाही का नाम उनके मुह से…
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दुख हूं मैं एक नए हिन्दी कवि का, मुझे कहां बांधोगे किस लय, किस छन्द में?
जब भी हिंदी का कोई बड़ा स्तंभ डगमगाता है तो ऐसा कहा जाता है कि विराट शून्य हो गया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. सच भी है.
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बिना बात के बोलने वाले PM मोदी, SSC घोटाले पर म्यूट क्यों हो गए हैं?
जब संस्थाओं का मानवीयकरण होता है तो उसकी प्रशंसा और अनुशंसा दोनों इंसानों की तरह होने लगती है. फिर जिन प्रक्रियाओं से इंसान गुजरता है उन्हीं प्रक्रियाओं से संस्थाओं को भी गुजरना पड़ता है. 13 दिनों से अनवरत प्रदर्शन रत छात्रों ने हाल में ही एसएससी की विधिविधान तेरहवीं मनाई. तेरहवीं किसी की अंत्येष्टि के…
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अबकी बार बलात्कारियों को नहीं माफ करेगी राज्य सरकार
बलात्कार पर जब भी कोई कठोर कानून बनाने की मांग होती है, तब बुद्धिजीवियों में से ही तमाम लोग सामने आकर विरोध करने लगते हैं. बात अगर फांसी जैसी गंभीर सजा की हो तो लोगों और सहम जाते हैं. लेकिन राजस्थान विधानसभा ने शुक्रवार बहुमत से एक विधेयक पारित किया जिसके तहत 12 साल या…
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क्या सच में कम हुआ है बाल विवाह का चलन?
जिस उम्र में लोगों को यह न पता हो कि उनके साथ क्या हो रहा है उसी उम्र में उन्हें अगर सात फेरे लेने पड़ें तो उन पर क्या बीतेगी. लड़कपन में खुद को न संभाल पाने वाले लोग जब परिवार संभालते हैं तो लगता है कि उनके साथ समाज ने परंपरा के नाम पर…
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जाते-जाते हंसने का पैगाम देकर चली गईं श्रीदेवी
किसी शायर ने ठीक ही कहा है- ज़िंदगी क्या है फ़कत मौत का टलते रहना. वक़्त कई बार इसका एहसास भी करा देता है. सांसे कब, किसकी कितनी देर टिकी रहेंगी इसका अंदाजा न सांस लेने वाले को होता है न ही साथ रहने वाले को. कुदरत है, कुछ रहस्यों पर उसका एकाधिकार है…
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देहाती आदमी का प्रधानमंत्री को खुला पत्र! मुझे पइसा उधार दे दो..
प्यारे प्रधानमंत्री जी! कुछ लोग प्यार करते हैं. कुछ लोग कारोबार करते हैं. पहले वाले की जिंदगी रो-रोकर बीतती है. घर वाले चांप देते हैं. “देखो भइया रुपया पैसा बंद. अब हम तुम्हें घंटा नहीं देंगे. तुम खुस रहो अपनी मेहरारू के साथ.”कमासुत पूत हो तो भी डर जाता है. प्राइवेट कंपनी में नौकरी कितने…
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20 विकेट गिरने के बाद ‘आप’ का क्या होगा केजरीवाल?
आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को शुक्रवार को आफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। ऐसे में उन्ही के पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। उन्होंने वही काम किया जिसके लिए उनकी पार्टी प्रसिद्ध है। ‘आप’ ने एक और आरोप जड़ दिया। सौरभ भारद्वाज…