Author: लोकल डिब्बा टीम

  • कैसे संभलेगी कश्मीर की नैया राज्यपाल भरोसे

    कैसे संभलेगी कश्मीर की नैया राज्यपाल भरोसे

    वोहरा को संभालने के लिए बिगड़ैल हाथी मिला है जो तांडव करने को आतुर है. वोहरा कैसे महावत साबित होंगे यह आने वाले दिनों में ही पता चल सकता है.

  • देश का ऐसा कोना जहां न जवान सुरक्षित हैं न पत्रकार

    देश का ऐसा कोना जहां न जवान सुरक्षित हैं न पत्रकार

    शनिवार को भारत में ईद है. कश्मीर में भी क्योंकि कश्मीर देश से बाहर नहीं है. आतंकी भी इस पाक महीने में रोजा रखते हैं और उन्हें भी ईद मनानी होती है. लेकिन उन्हें ईद खून से मनाने का मन करता है. शायद उनकी सेवंइयों में दूध की जगह खून से बनती हों. आतंकियों के…

  • बौखलाए किसान सड़कों पर क्यों बिखेर रहे हैं दूध और सब्जियां?

    बौखलाए किसान सड़कों पर क्यों बिखेर रहे हैं दूध और सब्जियां?

    किसान एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं. किसानों की लड़ाई इस बार सिर्फ महाराष्ट्र में ही नहीं सिमटी है. आठ राज्यों के किसान इस बार दस दिनों की हड़ताल पर हैं. किसान अपना धंधा-पानी दस दिनों तक चौपट करने के मूड में हैं. उन्हें न कुछ बेचना है न कुछ खरीदना है.…

  • अचानक आ रहे सर्वे बता रहे हैं कि मोदी को 2019 का डर तो है
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    अचानक आ रहे सर्वे बता रहे हैं कि मोदी को 2019 का डर तो है

    मोदी सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं। आखिरी साल की शुरुआत के साथ ही बीजेपी का प्रचार अभियान भी शुरू हो गया है। पत्रकारिता की नई विधा के अनुसार, सरकार के चार साल पूरा होने पर सवाल पूछने की बजाय सरकार का महिमामंडन शुरू कर दिया गया है और डीएवीपी बगलें झांक रहा…

  • राज्यपाल की कृपा कितने दिनों तक शाह को मात मिलने से रोक सकती है?

    राज्यपाल की कृपा कितने दिनों तक शाह को मात मिलने से रोक सकती है?

    कर्नाटक इस बार आशंकाओं की बड़ेर पर खड़ा हो तमाशा देख रहा है कि क्या हो रहा है प्रदेश में. तीन पार्टियां, नाटक तेरह. कौन है गठबंधन की फिराक में तो किसे मिलेगा ठेंगा. सब कुछ अनिश्चित है. अब सरकार बनाने का सारा दारोमदार राज्यपाल वजूभाई वाला के जिम्मे है. अगर भाजपा की तरफदारी करें…

  • महराजो! भारत में ‘पूड़ी पॉलिटिक्स’ समझते हैं क्या होता है?
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    महराजो! भारत में ‘पूड़ी पॉलिटिक्स’ समझते हैं क्या होता है?

    हो सकता है बहुतों को राजनीति की इस शाखा के बारे में कुछ भी न पता हो। भला हो भी कैसे सकता है! दरअसल दुनिया भर के पॉलिटिकल साइंस की किसी भी किताब में इसका जिक्र हो, ऐसा सुनने को नहीं मिलता है। ऑक्सफ़ोर्ड, कैलिफोर्निया, हॉवर्ड, मैसाचुएट्स, मिलान यूनीवर्सिटी से लेकर DU, JNU, AMU JMI…

  • डरे हुए रवीश कुमार के लिए एक पत्रकार का खुला खत!

    डरे हुए रवीश कुमार के लिए एक पत्रकार का खुला खत!

    प्रिय रविश कुमार, आप एक क़ाबिल और सरोकारी पत्रकार हैं। आप गंभीरता से अपना काम करते हैं और आपकी कलम कमाल बरपा करती है। सच्चाई और शोध के साथ हाशिये के विषयों पर आप ही मुख्यधारा में बोलते हुए दिखते हैं और इस विशेषण गंगा में अंतिम डुबकी इस स्वीकारोक्ति के साथ लगाता हूँ कि…

  • इंतजार करिए कुछ दिन में लाइव ‘न्यूज’ शो पर मर्डर हुआ करेंगे
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    इंतजार करिए कुछ दिन में लाइव ‘न्यूज’ शो पर मर्डर हुआ करेंगे

    अचानक से एक विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि चार-पांच लोग किसी बात को लेकर ‘चर्चा’ करने का ढोंग कर रहे हैं। ऐंकर रूपी देवता महोदय अपनी धुन में मस्त हैं और चार-पांच रायचंदों को भी जगह-जगह बिठाकर एकदम भौकाल टाइट किए हुए हैं। हल्ला इतना हो रहा है कि…

  • जिन्ना का जिन्न जाग गया है

    जिन्ना का जिन्न जाग गया है

    मोहम्मद अली जिन्ना! पाकिस्तान के लिए कायदे आजम. भारत-पाकिस्तान बंटवारे के लिए हिंदुस्तानियों की नजर में सबसे बड़ा अपराधी. वह इंसान जिसके नाम से सच्चे देशभक्तों का खून खौल उठता है भले ही माघ का महीना हो. अचानक से जिन्ना का नाम सुर्खियों में है. स्वर्ग सॉरी जन्नत से कुछ किया नहीं है उन्होंने उनके…

  • किस्सा: मरते-मरते लाला ने ऐसा क्या किया जो गांव भर पहुंच गए जेल

    किस्सा: मरते-मरते लाला ने ऐसा क्या किया जो गांव भर पहुंच गए जेल

    किसी गांव में एक मुंशी रहता था, नाम था खटेसर लाल। बहुत धूर्त और काइंया किस्म का आदमी था। जितनी भद्दी शक्ल उतनी ही बुरी अक्ल। गांव वाले उसे राक्षस कहते थे। पाई-पाई का हिसाब रखता था। गांव भर में सूद पर पैसे बांटता फिर उगाही करता। दादा ले पोता बरते। हाल यह था कि…