Author: लोकल डिब्बा टीम
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आज संसद में विपक्ष के टाइमपास का दिन है
कुछ चीजें केवल टाइमपास करने के लिए की जाती हैं. संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को भी वही समझिए. हंगामा काटना है तो काटना है. शुक्रवार को संसद में विपक्ष केंद्र के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी. संसद में फिलहाल टोटल सीटों की संख्या है 535. होती 545 है. संसद में बहुमत साबित…
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पॉलिटिकल लव: वॉट्सऐप से आप भी तो नहीं बन रहे ‘लिंच पुजारी’?
तुम जयपुर आए थे? हां आया तो था सोचा तुम से मिल कर जाऊंगा। अच्छा क्या पहन कर आए थे जी? अरे वो काला कुर्ता और ब्लैक जीन्स पहन कर आए थे। अच्छा मिलने आए थे जयपुर या किसी का विरोध करने? करने तो दोनों आए थे, हुआ एक भी नहीं। तुम्हारे पास बेल…
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बर्थडे स्पेशल: गांगुली पहले भी दादा थे, आज भी दादा हैं!
गांगुली इस समय क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष हैं, हर कोई उनकी प्रशासनिक क्षमता की तारीफ कर रहा है, और बहुत संभावना है कि आने वाले सालों में वे BCCI में भी अपना प्रशासनिक कौशल दिखाएंगे
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क्या हत्यारी भीड़ को बीजेपी सपोर्ट करती है?
राजनीति नाली है जिसमें बिना पांव गंदा किए नहीं घुसा जा सकता. इसमें बिना नैतिकता को ताक पर रखे एक कदम भी नहीं चला जा सकता. नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं. फिर तो किसी हत्यारोपी का फूल माला सजाकर पूजा करने में क्या ही जाएगा. केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने भी कुछ…
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संजू: नेताओं और ‘भाई’ को बचाने की एक सफल कोशिश
रणबीर कपूर हू-ब-हू संजय दत्त लगे हैं। वाक़ई बहुत मेहनत कराई है हिरानी ने उनसे। कई बार संजू बाबा दिखने की मेहनत इतनी हुई है कि चेहरा ही एक्सप्रेशन विहीन दिखाई देने लगता है रणबीर का। मनीषा कोईराला का रोल बहुत छोटा है लेकिन काफ़ी हद तक नरगिस को जस्टिफ़ाई करता है। परेश रावल की…
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बाबा नागार्जुन: एक अल्हड़ जनकवि, जिसकी पीड़ा में पलता है भारत
नागार्जुन की खासियत है कि उन्हें कोई अनगढ़ साहित्यकार पढ़े तो भाषाई रूप से समृद्ध हो जाए.
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मोदी ही मीडिया के अन्नदाता हैं
प्रदर्शन को दर्शन में बदलने पर जो किक मिलता है न वैसा कहीं और नहीं मिलता. कुछ खास बात है प्रदर्शन में. प्रदर्शन की कला हर किसी को नसीब नहीं होती है. या यों कहें कि हर किसी के प्रदर्शन का स्वागत दुनिया ठीक से नहीं करती. नोटिस करने लायक बनने के लिए मोदी होना…


