Author: अमन गुप्ता
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हाथ गर्दनें मरोड़ने के लिए भी होते हैं: पाश
अवतार सिंह संधू ‘पाश’, जन्मजात विद्रोही। विद्रोह जिनका स्वभाव था, जो उनकी लेखनी में हर जगह दिखा। विद्रोही तेवर और बदलाव की छटपटाहट ने उन्हें क्म्युनिस्ट पार्टी का सदस्य बनाया। विद्रोह को आवाज देने के लिये कवितायें लिखीं जो विद्रोहियों का सामूहिक गान बना। कविताएं पाश के लिये महबूब की जुल्फों तले शाम करने के…
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गुनाहगार हूं तुम्हारे माथे पर होठों से चांद बनाने का
लो बना दिया तुम्हारे माथे पर चाँद जो तुम्हारी हसरत थी नहीं जानता कि यह प्रेम है या प्रेम में लिपटी हवस जो मैं बार-बार तुम्हारे क़रीब आता हूँ। तुम जानती हो कि मैं प्रेम नहीं करता लेकिन तुम्हारा यह मुझ पर बेशर्त कुर्बान होना मुझे बहका देता है और मैं छू लेता हूँ तुम्हारे…