Author: अमन गुप्ता

  • आखिर भीमराव आंबेडकर की विचारधारा क्या है?

    आखिर भीमराव आंबेडकर की विचारधारा क्या है?

    किसी चौराहे या पार्क में नीले रंग की एक मूर्ति, जिसके हाथ में किताब दबी हुई है, इस किताब के ऊपर मोटे-मोटे अक्षरों में संविधान खुदा हुआ है और दूसरे हाथ की एक उंगली आसमान की तरफ इशारा करती है। इस उंगली का इशारा क्या है? बाबा साहब की इस उंगली का मतलब कुछ भी…

  • लड़कियों पर वीर्य फेंक होली को बदनाम मत करो
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    लड़कियों पर वीर्य फेंक होली को बदनाम मत करो

    वीर्य से भरा गुब्बारा फोड़कर कहना कि बुरा न मानो होली है, कहाँ तक सही है? सुनने में बेहद सा अजीब है कि वीर्य से भरा गुब्बारा? हां, दिल्ली जैसे महानगर में होली के बहाने दिल्ली विश्वविध्यालय में पढ़ने वाली छात्रा पर सरेराह एक गुब्बारा फेंककर मारा गया जिसमें वीर्य भरा हुआ था, मौका था…

  • जन्मदिन विशेष: संगीत का जादूगर ए आर रहमान

    जन्मदिन विशेष: संगीत का जादूगर ए आर रहमान

    अल्लाह रक्खा रहमान, हां यही नाम है संगीत के ‘भगवान’ का। संगीत एक कला है, जिससे भगवान तक पहुंचा जा सकता है। बिना किसी मन्दिर और मस्जिद की ड्योढ़ी तक जाये लेकिन जो भगवान को न मानता हो या जिसे धर्म में आस्था ही न हो, वह ए आर रहमान के संगीत से सजा या…

  • अटल बिहारी वाजपेयी: राजनीति का एक अमर अजातशत्रु
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    अटल बिहारी वाजपेयी: राजनीति का एक अमर अजातशत्रु

    अटल बिहारी वाजपेयी, अगर मैं कहूं कि नाम ही काफी है, तो सच नाम ही काफी है मेरे लिए. मेरा कोई नायक नहीं है जिससे प्रेरणा लेकर कुछ करने का हौंसला मिलता हो. ऐसा नहीं है कि कोई नायक नहीं है, दरअसल ये समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं. नब्बे के दशक में…

  • ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं

    ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं

    नहीं पता कि नौजवान पीढ़ी लोहिया को कितना जानती है। ये भी नहीं पता की 90 के दशक या उसके बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी जिसने समाजिक मूल्यों  के हर पहलू में गिरावट देखी हो, वो लोहिया को कैसे याद करती है। करती भी है या नहीं इसमें सन्देह है। समाज को आईना दिखाने वाली…

  • इश्क को गजल से आबाद करने वाले जगजीत सिंह

    इश्क को गजल से आबाद करने वाले जगजीत सिंह

    गजल गायकी का वह सितारा जिसने अपनी आवाज से करोड़ों दिल जीते। उनके द्वारा गायी गईं गजलें लोंगो के होंठो से गुड़ की तरह चिपक गईं। आपने नुशरत फतेह अली खान को सुना? नहीं सुना! कोई बात नहीं! बेगम अख्तर को तो सुना ही होगा? इनको भी नहीं सुना तब भी कोई बात नहीं! आपने…

  • वर्ल्ड हार्ट डे! ये दिल न होता बेचारा

    वर्ल्ड हार्ट डे! ये दिल न होता बेचारा

    विश्व हृदय दिवस है हृदय यानी दिल, जो न लेफ्ट होता है और न राइट। सेन्टर में होने की भी कोई संभावना नहीं है। अब जब पता ही नहीं कि होता कहां है तो इसको खोजने का भी कोई फायदा नहीं। जब दीवानगी दिल पर चढ़ती है तब दिल का पता लगता है, असल में…

  • एक रात की जेल

    एक रात की जेल

    ग्वालियर से चलकर बनारस की ओर जाने वाली बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस गाड़ी स्ंख्या 11107, अपना पिछला स्टेशन छोड़ चुकी है और कुछ ही क्षणों में अपने अगले पड़ाव महोबा स्टेशन पहुंचने वाली है। महोबा पहुंचने वाली ये गाड़ी अपने पीछे जो स्टेशन छोड़ कर आयी थी वो स्टेशन था हरपालपुर। रक्षाबन्धन की छुट्टियों के बाद हमें…

  • आज भी भटक रहा है गुनाहों का देवता

    आज भी भटक रहा है गुनाहों का देवता

    गुनाहों का देवता जितनी बार पढ़ता हूं हर बार कुछ नया पाता हूं। चन्दर इस बार पहले से ज्यादा भ्रमित लगा,  सुधा पहले से और ज्यादा मजबूत। चन्दर मानवीय स्वभाव का एक बेहद शानदार उदाहरण है, जो थोड़ी सी परेशानियों में अपना खुदा ही बदल लेता है। सुधा अपने स्वभाव में चाहे जितनी कोमल और…

  • चीन आखिर चाहता क्या है?

    चीन आखिर चाहता क्या है?

    शांति और युद्ध एक साथ सम्भव नहीं हो सकते लेकिन चीन की मंशा कुछ ऐसी ही है।  चीन, एक तरफ शांति की कोशिश करता हुआ दिख रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ख़ुद युद्ध के लिए ज़मीन बनाने में जुटा है। एक छोर पर भारत और चीन आमने सामने हैं तो दूसरी तरफ चीन अमेरिका…