SCO Summit क्या है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां क्यों जा रहे हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उज्बेकिस्तान जाएंगे. उज्बेकिस्तान का एक शहर है समरकंद. यहीं पर शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेन (SCO) का शिखर सम्मेलन होना है. इस मीटिंग...

Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन पर क्यों किया हमला?

रूस क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा देश है. इस सबसे बड़े देश ने अपने छोटे से पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला कर दिया है....

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जा, निवेश बचाने के लिए दुनिया मौन!

तालिबान. एक आतंकी संगठन. दो दशक बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया है. अभी तक अमेरिका के दम पर टिका यह देश अब...

ब्रह्मपुत्र में बांध का ऐलान, भारत-चीन में फिर होगी तनातनी?

चीन ने गुरुवार को 14वीं पंचवर्षीय योजना को स्वीकार किया. इस योजना की वजह से भारत-चीन संबंधों में एक बार फिर से कड़वाहट आ सकती...

भारत के लिए शांति, पाकिस्तान के लिए परमाणु बम है प्राथमिकता

अगर हम गौर करें तो पाकिस्तान के साथ भारत का रुख बंटवारे के बाद से एक जैसा रहा है. जब कांग्रेस की सरकार रही तब भी, जब गैर कांग्रेसियों की रही तब भी. मनमोहन सिंह भी पाकिस्तान के लिए उतने ही बुरे थे, जितने नरेंद्र मोदी हैं.

बौखलाया, खिसियाया, गिड़गिड़ाया पाक लेकिन आप क्यों खुश हैं?

आजादी की लड़ाई दोनों ओर के लोगों ने मिलकर लड़ी. कायदे से हर अच्छी-बुरी चीजें विरासत में दोनों देशों के पास बराबर मात्रा में पहुंची, एक का रास्ता, दूसरे से बिलकुल अलग जा मिला.

हांग कांग आंदोलन: प्रदर्शन के तरीके सुनकर होश उड़ जाए

दुनियाभर में आंदोलन चल रहे हैं लेकिन चर्चा बस एक आंदोलन की हो रही है, वह है हांग कांग का आंदोलन। यह आंदोलन कई मायनों...

कश्मीर में क्या करना चाहती है नरेंद्र मोदी सरकार

2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही कश्मीर का मुद्दा इस सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल रहा है. समय-समय पर पीएम मोदी की तरफ से ऐसी बयानबाजियां देखने को भी मिली है

रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड, जिससे रवीश कुमार सम्मानित हुए हैं

पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए एनडीटीवी के रवीश कुमार को रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 31 अगस्त को रैमन मैग्ससे की जयंती...

शुरू हो गई टेस्ट चैम्पियनशिप, दो साल बाद ऐसे तय होगा विश्व चैम्पियन

टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से ही पारम्परिक क्रिकेट का प्रारूप माना जाता है. कहा जा रहा है कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान टेस्ट क्रिकेट को एक नया आयाम मिलेगा और इसमें लोगों को फिर से रूचि देखने को मिलेगी.