Author: श्वेता पांडेय ‘सांझ’

  • वाह रे अपनी सुब्ह-ए-बनारस, घाट के पत्थर जैसे पारस
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    वाह रे अपनी सुब्ह-ए-बनारस, घाट के पत्थर जैसे पारस

    काशी न सिर्फ शिव की नगरी अपितु गंगा की और संगीत की नगरी है। संगीत जो वहाँ गंगा के कल-कल, छल-छल की ध्वनि के साथ वहाँ की आबोहवा में रमा है। बिस्मिल्ला खान,बेगम अख्तर, गिरिजा देवी ,पंडित छन्नूलाल इन सभी ने बनारस घराने को विश्व पटल पर अंकित किया। संगीत कभी मौन नही होता, बस…

  • मीडिया का ग्लैमर और वास्तविकता

    मीडिया का ग्लैमर और वास्तविकता

    लाइट कैमरा एक्शन के साथ शुरू होने वाली हर चीज़ मूवी नहीं होती। एंकर हो या रिपोर्टर एक विशेष आवाज के साथ अपना प्रोग्राम शुरू करते हैं। रंगों से भरी ये दुनिया शायद हर आम आदमी को अपनी ओर खींचती है। मीडिया लाइन का आकर्षण ही ऐसा है कि आप भी इसके मायाजाल से बच…