Category: बवंडर

  • बोलने दो ना!

    बोलने दो ना!

    बोलने दो न , बोलने से कुछ हुआ है क्या देश में ? क्यों डरते हो किसी के बोल देने से ? क्या हो जायेगा बोलने से ? अगर होता तो विकास कब का हो चुका होता, क्योंकि विकास से ज्यादा तो देश में कुछ बोला ही नही गया ! अगर बोलने से होता तो…

  • संता हो या बंता या शर्मा हो या वर्मा ,चलता रहेगा अपना हास्यधर्मा….

    संता हो या बंता या शर्मा हो या वर्मा ,चलता रहेगा अपना हास्यधर्मा….

    सुनिये जरा अपनी बत्तीसी फाड़ कर हँस दीजिये तो| काहे? काहे कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि “कौन हसंता है ,किस पर हसंता है ,कितना हंसता है ,कैसे हंसता है इसे तय करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है|” पर भूलिए मत कि भारत एक भावना प्रधान देश है ,जहाँ अक्सर…