Category: नेशनल
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‘हर घर पानी, सबको मकान’ बड़े धोखे हैं इस राह में…
जब से समाज समझने की समझ पैदा हुई, यही सुनते आए हम कि भारत की आत्मा गांव में बसती है. सबको पता है, लेकिन उस आत्मा का ख्याल क्यों कोई नहीं रखता. रखना चाहिए न? नहीं रखेंगे, तो भारत का तो मरना तय है. शर्तिया.
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नुसरत जहां धर्म के ठेकेदारों को हर रोज करारा जवाब दे रही हैं
माथे पर सिंदूर, हाथों में चूड़ियां और शरीर पर साड़ी- ऐसी वेशभूषा में सामान्यत: हिंदू औरतें देखी जाती हैं लेकिन कोई मुस्लिम औरत जो सांसद भी हो, इस वेशभूषा में दिखे तो इस बात का राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनना लाजमी है। इन सब के बीच इस वेशभूषा का विरोध करने वाले ठेकेदारों को वही…
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मुंबई को हर साल आने वाली बारिश की बाढ़ से कैसे बचाएंगे?
मुंबई शहर देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। हर सुख-सुविधाओं वाले इस शहर को मायानगरी भी कहा जाता है। मुंबई के बारे में कहा जाता है कि यह कभी रुकती नहीं है लेकिन हर साल एक ऐसी चीज आती है, जिसके आगे मुंबई बेबस हो जाती है। ट्रेनें रुक जाती हैं, सड़कें भर जाती…
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मोदी को खटकी ‘बल्लेबाजी’ बोले- नहीं चाहिए पार्टी में ‘बल्लेबाज’
भारत में नेता इतने सक्षम होते हैं, कि न्यायपालिका को ध्वस्त कर देना चाहिए. इतना जनसमर्थन है, तो सारा अधिकार इन्हें ही दे दो. ये ही पीटें, ये ही ठोकें.
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राम चाहते हैं कि 21वीं सदी में उनके ‘भक्त’ उन्हेंं भूल ही जाएं!
राम लाचार हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह से भारतीय संविधान. कुछ नहीं कर सकते. लेकिन उनकी अवधारणा ऐसी आदर्श स्थिति की है, जिसके लिए हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं है.
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आखिर कब तक ‘राजनीतिक हत्याओं’ का शिकार बनेंगे कार्यकर्ता?
चुनाव खत्म होते ही एक और ‘राजनीतिक’ हत्या ने देश की मीडिया को जरा सा जगा दिया है। अपना कर्तव्य निभाते हुए अमेठी की सांसद स्मृति इरानी अपने कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देने पहुंचीं और यह जताया कि वह अपने कार्यकर्ता को कितना महत्व देती हैं। इस सबके बावजूद देश की पुलिस…
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बेघर होने की राह पर 10 लाख आदिवासी! दोष किसका?
सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख से अधिक आदिवासियों को जमीन से बेदखल करने का आदेश दिया है। आदिवासी समुदाय पर आए इस फैसले से मुझे कोई हैरानी नहीं है क्योंकि यह तय था और इस बात का सबसे बड़ा सबूत कुछ और नहीं सरकार का 2006 में बनाया कानून ही है। यह बात कोई हवा…
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‘वेश्या’ बोलने पर बीवी ने ली पति की जान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह हत्या नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने एक हत्या के मामले में फैसला देते हुए कहा है कि अगर महिला को ‘वेश्या’ बोला गया तो इसे हत्या नहीं माना जाएगा। नहीं समझे न! आइए सरल भाषा में समझा देते हैं। मामला तमिलनाडु का है की एक महिला की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर आधारित है। महिला की शादी…
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फिर से अपनी बूढ़ी हड्डियां जलाने क्यों आ रहे हैं अन्ना हजारे?
एक ‘सनकी’ बूढ़ा दिल्ली की कड़कड़ाती ठंड में फिर से अपनी हड्डियां जलाने आ रहा है। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स में उसको गालियां दी जाने लगी हैं। 2011 और 2018 में देश के लिए भूख हड़ताल पर बैठ चुके अन्ना हजारे ने एक बार फिर से ऐलान किया है कि वह लोकपाल के गठन…
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वंदेमातरम् विवाद: बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय जीवित होते तो माथा पीट लेते!
वंदे मातरम की रचना करते समय बंकिम चंद्र चटोपध्याय ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन उनकी इस रचना को देशभक्ति के सर्टिफिकेट के तौर पर उपयोग किया जाएगा
