आखिर कब तक ‘राजनीतिक हत्याओं’ का शिकार बनेंगे कार्यकर्ता?

चुनाव खत्म होते ही एक और ‘राजनीतिक’ हत्या ने देश की मीडिया को जरा सा जगा दिया है। अपना कर्तव्य निभाते हुए अमेठी की सांसद स्मृति इरानी अपने कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देने पहुंचीं और यह जताया कि वह अपने कार्यकर्ता को कितना महत्व देती हैं। इस सबके बावजूद देश की पुलिस व्यवस्था पर उठने वाला सवाल खत्म नहीं होता है। स्मृति दावा तो कर रही हैं कि हत्यारों को पाताल से भी खोज लाया जाएगा लेकिन इस वादे की सच्चाई भविष्य के गर्त में हैं। फिलहाल इतना तय है कि एक और कार्यकर्ता संभवत: अपनी विचारधारा या अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के चलते मारा गया है।

 

‘राजनीतिक हत्या’ का यह पहला मामला नहीं है। देशभर में विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता रहा है। पार्टियां पक्ष-विपक्ष देखकर विरोध जताती रही हैं लेकिन ये हत्याएं रुकी नहीं हैं। सुरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में बीजेपी के पास आरोप लगाने के लिए भी कुछ नहीं है, वरना तो यह मामला एक विरोध प्रदर्शन और सत्ता पर आरोप लगाकर खत्म हो जाता। अकसर ऐसा ही होता है।

 

अब सवाल योगी आदित्यनाथ की सरकार और उनकी पुलिस पर है। सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, पूरे प्रदेश भर में विभिन्न कारणों से लगातार हत्याएं हो रही हैं और अपराध चरम पर है। अमेठी से ही लगे प्रतापगढ़ में पिछले एक साल में कारोबारियों पर जमकर हमले हुए हैं। रंगदारी का आलम यह है कि विधायक और अब सांसद संगम लाल गुप्ता तक से रंगदारी मांगी गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

 

प्रदेश के अन्य जिलों में भी दिन-दहाड़े और राह चलते किसी को गोली मार दी जा रही है। लखनऊ का चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड तो सबको याद ही होगा। जिसमें हत्या का आरोपी एक पुलिसवाला ही था। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पार्टी के आधार पर ही इसका विरोध होता रहेगा? सत्तारूढ़ बीजेपी केरल और बंगाल में संघ और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याओं को लेकर बहुत मुखर रही है लेकिन इस बार सवाल खुद उसपर खड़े हुए हैं।

देखना होगा कि इसबार एक कार्यकर्ता को न्याय मिलता है कि नहीं? देखना होगा कि अब यूपी और देश में राजनीतिक हत्याएं रुकती हैं या नहीं? देखना होगा कि यूपी में अपराध पर अब लगाम लगती है या नहीं?

इस लेखक के और लेख

तो 10 साल तक मोदी को हिला भी नहीं पाएगा मौजूदा विपक्ष

राहुल गांधी के अध्यक्ष बने रहने में कांग्रेस के ‘ओल्ड गार्ड’ का क्या फायदा है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारा Youtube चैनल

पुराना चिट्ठा यहां मिलेगा

May 2026
S M T W T F S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31