Category: नेशनल
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चंद्रशेखर ‘रावण’ को छोड़ना बीजेपी की चालाकी है या मूर्खता?
चंद्रशेखर रावण को तो आप जानते ही होंगे? वही भीम आर्मी वाले। वही भीम आर्मी जिसने दलितों को दम भरना सिखाना शुरू किया तो इसे बनाने वाले चंद्रशेखर को बीजेपी की सरकार ने रासुका कानून के तहत जेल में ठूंस दिया। अब बीजेपी को 2019 की कुर्सी हासिल करनी है तो दलितों पर विशेष प्रेम…
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…तो मोदी और केसीआर का रिश्ता फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स वाला है?
के. चंद्रशेखर राव ने अपने राजनीतिक अनुभव और चालाकी के हिसाब से सबसे धांसू चाल चली है। फौरी तौर पर देखने से ऐसा लगता है कि केसीआर के नाम से चर्चित तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के मुखिया चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले-पहले विधानसभा जीत ली जाए। हालांकि, राजनीतिक दावपेंच समझने वाले मान रहे हैं…
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नोटबंदी के नए आंकड़े सड़ चुके सिस्टम की बानगी हैं!
8 नवंबर 2016 बहुत ही सुहाना दिन था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इतने शानदार दिन को इतिहास में अंग्रेजी और हिंदी के भीषणतम शब्दों के साथ याद किया जाएगा। खैर, देश के प्रधानमंत्रियों को इतना हक तो होता ही है कि वह किसी दिन को इतिहास बना सकें। 25 जून 1975 को…
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विदेशी धरती पर देश की थू-थू कराने वाले मोदी और राहुल हैं विभीषण
राहुल गांधी जब कभी विदेश जाते हैं सुपर एक्टिव मोड में आ जाते हैं. देश में वे कई बार ऐसा लगता है कि भांग खाकर बोलते हैं. बिलकुल कूल डूड बच्चे की तरह. विदेश में उनके भीतर खानदानी आवाज बाहर निकलती है जो उनके खून में दौड़ रही है. जवाहर के प्रपौत्र, इंदिरा के पोता,…
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क्या 2019 में ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री बनाएगी कांग्रेस?
जी हां! 2019 में एकबार फिर से भारत के प्रधानमंत्री का चुनाव होना संभावित है। चुनावी मेंढक फिर से जनता रूपी कीड़ों को अपनी लपेटू जीभ में खींचकर खुद को पोषित करने को तैयार हैं। बिसातें दिल्ली में बिछ रही हैं और कुछ महीनों में जनता भी मोहरा बनने लगेगी। कहने को जनता के रहनुमा…
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बर्थडे स्पेशल: फुटबाल को शिखर पर लाने को बेताब सुनील छेत्री
‘हमें गालियां दो, आलोचना करो लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम को खेल देखने स्टेडियम में आओ’
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यह तस्वीर हमारी असंवेदनशीलता का जीता-जागता स्मारक है!
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें एक लगभग बूढ़ा हो चूका व्यक्ति एक महिला को साइकिल पर ले जा रहा है तस्वीर देखकर कुछ लोग समझ रहे हैं कि महिला जिंदा है, व्यक्ति उसे इलाज के लिए ले जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि व्यक्ति साइकिल पर उस महिला…
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आदिवासियों को देशविरोधी बताना उनके आत्मसम्मान पर चोट है
हमारे देश की जनसंख्या में लगभग आठ फीसदी से भी अधिक हिस्सा अनुसूचित जनजातियों का है। लगभग दस करोड़ की आबादी वाला यह समाज आज़ादी के इतने दशकों बाद भी अपने अधिकारो को लेकर संघर्षरत है। उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ भारतीयता की भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। ये हाल तब हैं जब संविधान…
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क्या हत्यारी भीड़ को बीजेपी सपोर्ट करती है?
राजनीति नाली है जिसमें बिना पांव गंदा किए नहीं घुसा जा सकता. इसमें बिना नैतिकता को ताक पर रखे एक कदम भी नहीं चला जा सकता. नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं. फिर तो किसी हत्यारोपी का फूल माला सजाकर पूजा करने में क्या ही जाएगा. केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने भी कुछ…

