Category: राजनीति
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नीतीश वर्सेज Who के चक्कर में पार हो जाएगी NDA की नैया?
राजनीति की सबसे उर्वर जमीन बिहार में चुनाव की शुरुआत हो गई है. सबसे अहम सवाल है कि अबकी कौन जीतेगा? एक तरफ हैं ‘सुशासन बाबू’ उर्फ नीतीश कुमार. दूसरी तरफ भकुआया हुआ विपक्ष. लालू प्रसाद यादव के जेल में होने के चलते राष्ट्रीय जनता दल बुरी तरह बिखरा हुआ है. पार्टी के कई नेता…
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राहुल गांधी अबकी कांग्रेस से परिवारवाद खत्म करवा ही देंगे?
कांग्रेस लंबे समय से अनिश्चितिता के दौर से गुजर रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। महीनों मान-मनौवव्वल के बाद भी वह नहीं माने तो फिर से सोनिया गांधी को ही अंतरिम अध्यक्ष बना दिया गया। पार्टी के उसी बोरिंग काम करने के…
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…तो आदित्य ठाकरे को बनाना ही पड़ेगा महाराष्ट्र का सीएम?
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की एक लापरवाही उनपर भारी पड़ने वाली है। उन्होंने सीएम बनने के बाद चुनाव लड़ने के कई मौके गंवाए। उद्धव ने प्लान किया था कि अप्रैल में होने वाले विधान परषिद चुनाव में वह चुन लिए जाएंगे और सीएम बने रहेंगे। अब कोरोना के कारण चुनाव ही कैंसल हो गए।…
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मायावती की खोई जमीन पर पार्टी बना लेंगे चंद्रशेखर आजाद?
मायावती बड़ी नेता हैं। उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ी नेता थीं। इतनी बड़ी नेता थीं कि अपने बलबूते कई चुनाव जीते। लेकिन अब उनका चार्म जाता रहा। बदलता समय कहें या फिर राजनीतिक के स्टाइल में बदलाव। मायावती धीरे-धीरे अप्रासंगिक हो रही हैं। उनके वोटर्स (ज्यादातर दलित वर्ग के वोटर्स) को 2017 में मोदी जी…
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दिल्ली के बाद सुधरेगी भाजपा? या गुजरेगी भाजपा?
दिल्ली विधानसभा चुनाव को भाजपा (BJP) और अमित शाह ने सम्मान की लड़ाई बना दिया। इसके बावजूद वह कुछ खास नहीं कर सकी। जहां अरविंद केजरीवाल ने इसे स्कूल, अस्पताल और बिजली-पानी का चुनाव बताया। वहीं, बीजेपी लगातार शाहीन बाग, राम मंदिर और देशप्रेम-देशद्रोह जैसे मुद्दों पर लड़ती रही। आखिरी हफ्ते में तो बीजेपी की…
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केजरीवाल जी, अब जनता से चंदा मांगकर प्रशांत किशोर को देंगे?
आम आदमी पार्टी। खुद को गरीब बताने वाली पार्टी अब पैसे देकर प्रचार करवाएगी। 2013 और 2015 में ‘आप’ के कार्यकर्ता उसकी ताकत थे। सड़क पर झाड़ू लिए खड़े थे। सिर पर टोपी लगाए खड़े थे। अपने पैसे लगाकर दिनभर प्रचार कर रहे थे। लेकिन अब ‘आप’ के पास पैसा है। जाहिर है ये पैसे…
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महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?
छल, कपट, प्रपंच और संभावित धोखा! वर्तमान में राजनीति का यह स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। कपट हर किसी के मन में है। मौका मिलने पर हर कोई छह करने को तैयार है। महीने भर से चल रही बैठकों में प्रपंच हो रहा है। हर कोई तैयारी कर रहा है। मौका मिलते…
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कांग्रेस को राहुल गांधी की मासूमियत नहीं, सोनिया के तेवर ही चाहिए?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानी कांग्रेस पार्टी इस समय काई हो गई है। जो खुद तो शून्य दिख रही है लेकिन अच्छे-अच्छों को फिसला सकती है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में देखने को मिला। कांग्रेस को खुद भी नहीं पता था कि वह इतनी सीटें जीत सकती है। हालांकि, इसके पीछे सबसे…
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सिर पर हैं चुनाव, फ्लाइट मोड में क्यों है कांग्रेस हाई कमान?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की इन चुनावों में क्या भूमिका होने वाली है, किसी को कानों-कान खबर नहीं है। प्रियंका गांधी का पूरा ध्यान यूपी पर है सोनिया गांधी का पी चिदंबरम पर।
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महाराष्ट्र: अमित शाह को ‘सहयोगी’ आदित्य ठाकरे ही मात दे देंगे?
शिवसेना के बनने के वक्त से ही बाल ठाकरे ने खुद को सत्ता को चलाने वालों का मालिक बनाए रखा। पीढ़ी बदली, रवैया बदला और राजनीति भी बदल गई। खुद को शिवसेना का असली चेहरा बताने वाले राज ठाकरे किनारे कर दिए गए। उद्धव ठाकरे खुद उतने सफल नहीं हुए। इसी के चलते राजनीति सीधे…