Breaking News |

Tag: पॉलिटिकल लव

  • पॉलिटिकल लव: सैंया गए तेल लेने आओ हम-तुम इश्क लड़ाएं

    तुम कोई भी फैसला सुना देती हो। सही फैसला ही सुनाती हूँ मैं। तुम न वही फैसले सुनाया करो जिनका पालन हो सके। अच्छा तो मैं तुम्हारी गुलाम बन जाऊं! नहीं-नहीं तुम स्वंत्रत हो एकदम। अच्छा लेकिन लग नहीं रहा है। मैं तुम से बात नहीं करूंगी। क्यों क्या हुआ मेरी जान? तुम हर बात…

  • पॉलिटिकल लव: प्यार करो, नागपुर वालों की तरह बदलो मत

    यार एक बात बताओ नागपुर वाले फूफा को हुआ क्या है? मुझे तो लग रहा है कोई कागज बदल दिया है। हां लेकिन वो नागपुर वाले दादा की किताब भी बदल दिए हैं। अच्छा लगता है कुछ अलग सोच रहे हैं फूफा। अलग का तो पता नहीं पर 2019 का जरूर सोच रहे हैं।  …

  • पॉलिटिकल लव: इश्क का बत्तख बाढ़ में उतारो पिया

    यार यहाँ साँस लेने में दिक्कत हो रही है। अच्छा जाओ बतख वाले तालाब में। ठीक है असम की टिकट कराओ फिर। क्यों तुम्हारे यहाँ बतख नहीं है क्या ? बतख तो है पर ऑक्सीजन वाली सिर्फ असम में ही मिलेगी।   तुम्हें एक बात बताएं GDP के बारे में। हां बताओ मेरी जान क्या…

  • पॉलिटिकल लव: सैंया रूठो मगर दुश्मन के दर न जाओ

    पॉलिटिकल लव: सैंया रूठो मगर दुश्मन के दर न जाओ

    तुम कोई फोटो क्यों नहीं खिंचवाते हो? अरे हमें पसंद नहीं है ये सब। अच्छा जी फिर फोटोग्राफी डे पर क्या डालोगे एफबी पर? तुम्हारे कार्ड की फोटो डाल देंगे। अच्छा जी, कुछ तो लोग कहेंगे! बाबा, लोगों का काम है कहना। तुम मुझे नाराज कर दिए हो। अरे बाबा किस बात से नाराज हो…

  • पॉलिटिकल लव: प्यार की साइकिल जरा धीरे चलाओ पिया

    पॉलिटिकल लव: प्यार की साइकिल जरा धीरे चलाओ पिया

    तुम साइकिल चला लेते हो ? अरे बाबा मैं कहां चला पाता हूं, और तुम? मेरा भी तुम्हारे वाला हाल है। चलो सही है जिसको चलानी आती है वो भी तो गिर रहा है। अरे वो तो कुछ ज्यादा ही ‘तेज’ है इसलिए गिर गए। अच्छा जी तुम भी कोई कम तेज नहीं हो सब…

  • पॉलिटिकल लव: वॉट्सऐप से आप भी तो नहीं बन रहे ‘लिंच पुजारी’?

    तुम जयपुर आए थे? हां आया तो था सोचा तुम से मिल कर जाऊंगा। अच्छा क्या पहन कर आए थे जी? अरे वो काला कुर्ता और ब्लैक जीन्स पहन कर आए थे। अच्छा मिलने आए थे जयपुर या किसी का विरोध करने? करने तो दोनों आए थे, हुआ एक भी नहीं।   तुम्हारे पास बेल…

  • पॉलिटिकल लव: हेलो फ्रेंड्स, पासपोर्ट बनवा लो

    भूख लगी है बहुत जोर से। कुछ खा क्यों नहीं लेते फिर तुम! अरे बेबी पैसे ही नहीं है। अच्छा मैंने तो सुना था सबका 50% बढ़ा था। अरे सबका कहां, बस स्विसवालों का ही बढ़ा है। अच्छा तो अब 15 का 30 लाख मिलेगा न? वो क्यों जानेमन? अरे अब ज्यादा काला धन वापस…

  • पॉलिटिकल लव: भारतीय राजनीति का धरनेबाज आशिक कौन?

    तुम तो मेरी तरफ देखते तक नहीं हो। कैसे देखूं, हर बात पर ज़िद करे बैठी रहती हो। अरे तो कौन सुनेगा मेरी ज़िद ये बताओ? लेकिन हर बात पर तो ज़िद अच्छी नहीं लगती न! मैं तो करूंगी और तुम्हें मानना भी पड़ेगा। मैं तो मान लूंगा, देखो नसीब वाले फूफा कब दिल्ली वाले…

  • पॉलिटिकल लव: 2019 आया करीब, बदले प्रधानसेवक के नसीब

    तुम नागपुर जा रहे हो? हां जा रहा हूँ वहाँ पर कुछ काम से। तो बताओगे क्यों जा रहे हो, कब से पूछ रही हूँ। जो बोलना होगा नागपुर में ही बोलूंगा। क्यों अभी तुम्हारे मुंह में दही जम गई है क्या ? नहीं ऐसा नहीं पर मैं वहीं बोलूंगा। पता नहीं नागपुरवालों ने क्या…

  • पॉलिटिकल लव: प्यार का गठबंधन अपवित्र ना हो जाए

    अब तुम मेरे हिसाब से नहीं चलते हो। अरे चलता तो हूँ मेरी जान। कहाँ रुकते हो तुम बेहिसाब बढ़े जा रहे हो। अरे तो तुम क्यों कच्चे तेल की तरह रुक गई हो। तो अब मैं भी पेट्रोल बन जाऊं क्या? बन जाओ आजकल तो इसी के अच्छे दिन हैं। तुम न मेरे निर्देश…