Tag: अस्पताल
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मोदी जी! टॉयलेट, अस्पताल, स्कूल…अर्थव्यवस्था..कुछ न चंगा सी
जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.
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महात्मा गांधी का जीवन-दर्शन है हिंद स्वराज
हिन्द स्वराज को गाँधी के विचारों का ब्लू प्रिंट माना जाता है |अगर आप गाँधी के विचारों और सिद्धांतों से परिचित होना चाहते है तो हिन्द स्वराज सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है| यह संवाद शैली में लिखी गयी एक ऐतिहासिक कृति है जिसमें एक समाचार पत्र के संपादक और पाठकों के बीच संवाद को दिखाया गया…