कविताई जहाँ हक माँगना मजलूम की फरियाद लगती है लोकल डिब्बा टीम November 27, 2017 0 बता दे ये जमीं कैसे तुझे आजाद लगती है जहाँ हक माँगना मजलूम की फरियाद लगती है। कि जिनको है चुना हमने हमारी सरपरस्ती को […]