Tag: cbi

  • सरकारें और पार्टियां हैं खिलाड़ी, फुटबॉल बनकर रह गई है CBI

    केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई. इस संस्था का नाम है. मतलब एकदम भौकाल ही है. अकसर बड़े-बड़े मामलों में मांग की जाती है CBI से जांच कराने की. कई बार बड़े-बड़े मामलों में खुलासा भी होता है. लेकिन इसकी आजादी पर हमेशा से सवाल उठते रहते हैं. होना तो यह चाहिए कि बिना किसी लाग-लपेट के…

  • सुशांत, हाथरस केस: जांच में देरी से मीडिया को मिलते हैं मौके

    सुशांत, हाथरस केस: जांच में देरी से मीडिया को मिलते हैं मौके

    पिछले कुछ महीनों में मीडिया रूपी गिद्ध को दो मामले मिले. इन दो मामलों ने मीडिया को टीआरपी रूपी संजीवनी दी. सिर्फ किम जोंग और हॉट तस्वीरों पर चल रहे मीडिया को तापने भर की आग मिल गई. बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए नेताओं ने भी इस आग में और घी डाला. हालांकि,…

  • भारत में मजाक भर बनकर रह गई हैं सीबीआई जैसी संस्थाएं?

    भारत में मजाक भर बनकर रह गई हैं सीबीआई जैसी संस्थाएं?

    किसी भी देश या प्रदेश में कानून जरूर होता है. इसी कानून का पालन कराने के लिए सीबीआई जैसी तमाम संस्थाएं बनाई जाती हैं. कानून का उल्लंघन होने की दिशा में सजा दिलाने के लिए भी संस्थाएं बनाई जाती हैं. अपेक्षा की जाती है कि इन संस्थाओं में काम करने वाले लोग अतिरिक्त ईमानदारी बरतें.…

  • कोर्ट ‘निर्दोष’ साबित करता रहेगा तो दोषी को कौन ढूंढेगा?
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    कोर्ट ‘निर्दोष’ साबित करता रहेगा तो दोषी को कौन ढूंढेगा?

    हमारा कानून इस सिद्धांत पर चलता है कि चाहे 100 दोषी छूट जाएं लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। इस सिद्धांत पर ही सवाल उठना चाहिए 100 दोषी क्यों छूट जाएं? अगर एक हत्याकांड/बम ब्लास्ट में 10 लोग मारे जाते हैं और कुछ सालों में सभी आरोपी बरी हो जाएं तो उन 10…

  • जस्टिस लोया पर क्या कहती है कोर्ट की चुप्पी?
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    जस्टिस लोया पर क्या कहती है कोर्ट की चुप्पी?

    लोकतंत्र के तीन स्तंभ हैं, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। संविधान ने इन्हें इस तरह से गढ़ा है कि वे एक दूसरे की आलोचना कर सकते हैं और आलोचना करते हुए भी एक दूसरे के पूरक हैं। सभी के सवालों का महत्व है लेकिन जब सवाल न्यायपालिका उठाती है तो उसका महत्व कुछ ज्यादा ही बढ़…