Tag: crackers ban
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बाजार के फेफड़े तो धुंए से ही हरे होते हैं
“हवा के दोश पे उड़ती हुई ख़बर तो सुनो हवा की बात बहुत दूर जाने वाली है” —हसन अख्तर जलील आज बाजार किसी भी हालात को नहीं छोड़ता, वो चाहे बारिश हो या बाढ़, आग हो या पानी बाजार अपनी जगह बना ही लेता है। दिल्ली आज दिलवालों की नहीं धुआं वालो की हो गई…
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क्या सिर्फ दिवाली के दिन की जागरूकता हमारे पर्यावरण को बचा सकती है?
दिवाली आने में बस कुछ ही दिन बच गए हैं, दिवाली प्रेम और प्रकाश का त्योहार है। दिवाली आते ही लोगों के चेहरे की रौनक बढ़ जाती है, आस-पास का माहौल खुशनुमा हो जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह का माहौल रहता है लेकिन हर बार दिवाली हमें कुछ अच्छी यादों के…