Posted in कविताई रात दरवाज़े पर दस्तक दे रही है Estimated read time 1 min read Posted on October 12, 2020November 16, 2022 by लोकल डिब्बा टीम रात अब दरवाज़े पर खड़ी है रह-रह के सायरन की सदा आ रही है.