Tag: supreme court
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पॉलिटिकल लव: चलो बिना बहुमत की सरकार बनाते हैं
कल तुम मुझे इग्नोर करके आगे क्यों चले गए? अरे वो दोस्त से मिलना था, तुम तो रोज ही साथ रहती हो, नहीं लग तो ऐसा रहा था जैसे मैं मार्गदर्शन मंडल की सदस्य हूं। अरे बाबा तुम ना इतना मत सोचा करो, तुम्हारी हरकतें सोचने पर मजबूर कर देती हैं मुझे। तुम मेरी याद…
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पॉलिटिकल लव: प्यार को सुप्रीम कोर्ट की तरह सीरियस लो
तुम इतने गोरे कैसे हो रहे हो? अरे घर पर रहने का यही फायदा है, मुझे लगा तुम भी मशरूम खाने लगे हो! अरे नहीं इतना पैसा नहीं है मेरे पास की 80 हज़ार का मशरूम खाऊं, अच्छा चलो फेयर हैंडसम लगा लेना, हमारा प्यार कैसा लगता है तुम्हें? बिल्कुल विकास की तरह. देखो, कहीं…
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6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख
यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े आते हैं तो सच कहता हूं कि आप के दिमाग में सिर्फ भूसा भरा है। हल्ला करते हुए नहीं मन में शांति से ‘जय श्री राम’ बोलिए मन को शांति मिलेगी और आंखों पर से…
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क्या संस्कार की बजाय बलात्कार में बदल रहा है विवाह?
हमारे भारतीय समाज में विवाह को बहुत ही पवित्र माना जाता है, कहा जाता है विवाह दो आत्माओं, दो परिवारो का मिलन होता है लेकिन जब ये संस्कार बलात्कार में परिवर्तित होता है तब क्या होता है? आइए इसके कुछ बिन्दुओ पर चर्चा करें। सबसे पहले तो ये कि लोग शादी क्यों करते है? आप…