वह लोकतंत्र कभी मज़बूत नहीं कहला सकता जिसमें विरोधी देशद्रोही तक गिने जाने लगें और बहुमत पक्ष जो मर्ज़ी कर के भी 31% वोट या केवल 2 सीटों के साथ सरकार भी बनाये और देशभक्त भी कहलाए।
वह लोकतंत्र कभी मज़बूत नहीं कहला सकता जिसमें विरोधी देशद्रोही तक गिने जाने लगें और बहुमत पक्ष जो मर्ज़ी कर के भी 31% वोट या केवल 2 सीटों के साथ सरकार भी बनाये और देशभक्त भी कहलाए।