केजरीवाल जी, अब जनता से चंदा मांगकर प्रशांत किशोर को देंगे?

आम आदमी पार्टी। खुद को गरीब बताने वाली पार्टी अब पैसे देकर प्रचार करवाएगी। 2013 और 2015 में ‘आप’ के कार्यकर्ता उसकी ताकत थे। सड़क […]

नागरिकता कानून: शरणार्थियों के प्रति दया नहीं यह ख़ालिस राजनीति है

बहुमत के दम पर मोदी सरकार ने एक और मनमानी कर डाली है। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 अब कानून बन गया है। लोकतंत्र में मजबूत […]

महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?

छल, कपट, प्रपंच और संभावित धोखा! वर्तमान में राजनीति का यह स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। कपट हर किसी के मन में […]

कांग्रेस को राहुल गांधी की मासूमियत नहीं, सोनिया के तेवर ही चाहिए?

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानी कांग्रेस पार्टी इस समय काई हो गई है। जो खुद तो शून्य दिख रही है लेकिन अच्छे-अच्छों को फिसला सकती है। […]

मोदी जी! टॉयलेट, अस्पताल, स्कूल…अर्थव्यवस्था..कुछ न चंगा सी

जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.

अच्छे काम अगर भोंपू बजाकर भी हों तो ‘काम अच्छे हैं’

पब्लिसिटी जरूरी है अगर आप किसी भूखे हो खाना खिलाते हैं….किसी जरूरत मंद के लिए खड़े होते हैं…कोई आंदोलन कर रहे हैं….किसी को खून देने गए हैं….किसी के लिए लड़ रहे हैं….किसी को सुधार रहे हैं…..अगर सफाई भी कर रहे हैं…

इंटरव्यू: पढ़ें, कट रहे जंगलों पर क्या है पेड़ों का कहना

आज हम जिनकी बात करने जा रहे हैं, शायद कल हमारी आने वाली पीढ़ी उन्हें बस इंटरनेट पर ही देख पाएगी। जिनकी आज बात करने […]

आरे के बहाने: जंगल बचाने की लड़ाई इतनी सिलेक्टिव क्यों है?

सुप्रीम कोर्ट ने आरे जंगल में पेड़ काटने पर फिलहाल रोक लगा दी है। लेकिन यह कोई खुश होने वाली खबर नहीं है। आरे में […]