कविताई नज़्म ‘औरत’: माथे पर लिखी मेरी रुसवाई नहीं जाती लोकल डिब्बा टीम March 8, 2019 0 माथे पे लिखी मेरी रुसवाई नहीं जाती… जब भूख लगी तब मैं, या प्यास लगी जब तब मैं हाथ लगी अक्सर, बस मांस लगी जब […]