Author: लोकल डिब्बा टीम
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मोदी को खटकी ‘बल्लेबाजी’ बोले- नहीं चाहिए पार्टी में ‘बल्लेबाज’
भारत में नेता इतने सक्षम होते हैं, कि न्यायपालिका को ध्वस्त कर देना चाहिए. इतना जनसमर्थन है, तो सारा अधिकार इन्हें ही दे दो. ये ही पीटें, ये ही ठोकें.
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राम चाहते हैं कि 21वीं सदी में उनके ‘भक्त’ उन्हेंं भूल ही जाएं!
राम लाचार हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह से भारतीय संविधान. कुछ नहीं कर सकते. लेकिन उनकी अवधारणा ऐसी आदर्श स्थिति की है, जिसके लिए हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं है.
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खाली होते ही सुरेंद्र सिंह के पास पहुंच जाते हैं एजेंसी के पत्रकार?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक विधायक हैं। नाम है सुरेंद्र सिंह। बलिया की बैरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनकी अब तक की सिर्फ इतनी पहचान है कि यह सिर्फ बयान देते हैं और बयान ही नहीं, इनके बयान अकसर ऐसे होते हैं, जिनको मीडिया वेबसाइट्स पर जगह मिलती है। सोशल मीडिया पर भी…
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राहुल गांधी के अध्यक्ष बने रहने में कांग्रेस के ‘ओल्ड गार्ड’ का क्या फायदा है?
लोकसभा चुनाव में असफलता के बाद ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना पद छोड़ना चाहते हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम इसकी प्रतिक्रिया में यहां तक कह चुके हैं कि अगर ऐसा हुआ तो कार्यकर्ता आत्महत्या कर लेंगे। जानकारी के मुताबिक, राहुल इस्तीफे पर अड़े हुए…
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आखिर कब तक ‘राजनीतिक हत्याओं’ का शिकार बनेंगे कार्यकर्ता?
चुनाव खत्म होते ही एक और ‘राजनीतिक’ हत्या ने देश की मीडिया को जरा सा जगा दिया है। अपना कर्तव्य निभाते हुए अमेठी की सांसद स्मृति इरानी अपने कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देने पहुंचीं और यह जताया कि वह अपने कार्यकर्ता को कितना महत्व देती हैं। इस सबके बावजूद देश की पुलिस…
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तो 10 साल तक मोदी को हिला भी नहीं पाएगा मौजूदा विपक्ष
इस चुनाव परिणाम का दुख तो मुझे भी है पर यह भ्रम कतई नहीं है कि ये अच्छाई पर बुराई की जीत है। ये बुराई पर ही बुराई की जीत है। जाति की राजनीति पर धर्म की राजनीति की जीत। सिद्धांत विहीन राजनीति पर घटिया सिद्धांत की राजनीति ने जीत दर्ज़ की है। चुनाव अच्छाई…
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नेता बनने के 150 फायदे, जानिए क्यों बनना है ज़रूरी?
बचपन में कभी पढ़ाई के वक्त हिंदी व्याकरण के तहत हमें परीक्षा में भरने को आता था वाक्यांश के लिए एक शब्द. उस वाले सेक्शन में एक सवाल ऐसा भी था जो रिपीट मोड में आता था. मतलब आप किसी भी क्लास में पहुंच जाएं वो सवाल हर बार पूछा जाता था. सवाल था- वाक्यांश…
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लोकसभा चुनाव: लगातार गायब होते मुद्दे और बयानों का गिरता स्तर
लोकसभा चुनाव के दो चरण की वोटिंग अभी बाकी है लेकिन नेताओं के बयान सुन-सुनकर मन पाका (फोड़ा) हो गया है। वही, एक-दूसरे पर निजी हमले, एक-दूसरे के खानदान और चरित्र के हनन की कोशिश और बाद में झूठे साबित होने वाले वादे और जुमले। जहां चुनाव में प्रचार का मतलब अपना विजन बताना होना…
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क्या बीएसपी में मायावती की जगह ले पाएंगे आकाश आनंद?
क्या बीएसपी में मायावती की जगह ले पाएंगे आकाश आनंद? दिखने में स्मार्ट, जींस और शर्ट पहनने वाला और विदेश से पढ़ा हुआ लड़का। भारत में इतने गुण एक नेता के पॉप्युलर होने के लिए काफी हैं लेकिन नए-नवेले आकाश आनंद के पास इसके अलावा सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है कि वह बीएसपी चीफ मायावती…
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देश की राजनीति की दिशा बदल पाएंगे ये 6 न्यूकमर्स?
इस बार के लोकसभा चुनाव में कुछ युवा नेता अच्छी-खासी चर्चा बटोर रहे हैं। कुछ अपने बयानों को लेकर, कुछ अपने ट्रैक रेकॉर्ड को लेकर तो कुछ राजनीति में एंट्री के तरीके को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। पक्ष हो या विपक्ष, ये नेता जीते या हारें लेकिन 2019 के इस लोकसभा चुनाव में…