मिलती-जुलती खबरें...
आखिर कब तक ‘राजनीतिक हत्याओं’ का शिकार बनेंगे कार्यकर्ता?
चुनाव खत्म होते ही एक और ‘राजनीतिक’ हत्या ने देश की मीडिया को जरा सा जगा दिया है। अपना कर्तव्य…
तो क्या केजरीवाल ने इस बार रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी?
मैं खुद आम आदमी पार्टी को उसके जन्म से जानता हूं, समझता हूं और काफी हद तक सहानुभूति रखता ‘था’।…
गरीब, मजदूर-किसान के बच्चों का IIMC आना सख्त मना है
पढ़ाई महंगी होगी, तो लोग अनपढ़ रहेंगे. लोग अनपढ़ रहेंगे तो कुपढ़ बनेंगे. कुपढ़ बनेंगे तो देश चौपट होगा.
