Category: बर्थडे स्पेशल
-

…वह आर्मी चीफ जिसे देशद्रोही तक कहा गया
आज जन्मदिन है भारतीय थल सेना के उस नायक का जिसपर आरोप लगते थे कि वह देशद्रोही और सरकार द्रोही हैं। उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाए गए कि उन्हें युद्ध का कोई खास अनुभव नहीं है। देशद्रोह का आरोप झेलने वाले सैम मानेकशॉ आगे चलकर ना सिर्फ भारतीय सेना से जनरल बने बल्कि उन्हें पद्म…
-

…जब एक इंजिनियरिंग स्टूडेंट 3 रुपये के लिए क्रिकेटर बन गया
आम भारतीय माँ-बाप जैसे ही अजीत वाडेकर के माँ-बाप भी अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे। बेटे को लेकर बुने जा रहे अपने इन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए पापा लक्ष्मण वाडेकर ने उनको पढ़ने के लिए लंदन के प्रतिष्ठित एलिफिंस्टन कॉलेज भेजा। बच्चा बाप की इच्छा के मुताबिक, पढ़ भी रहा था…
-

‘भगवान जिस दीवार की आड़ में खड़ा होता है उसे राहुल द्रविड़ कहते हैं’
अपने शानदार क्रिकेट कॅरियर में राहुल द्रविड़ ने जिस समर्पण के साथ, तेंदुलकर, गांगुली और लक्ष्मण के साथ मिलकर टीम की बैटिंग लाइनअप तैयार की वो किसी भी अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए मिसाल बन गया.
-

जन्मदिन विशेष: संगीत का जादूगर ए आर रहमान
अल्लाह रक्खा रहमान, हां यही नाम है संगीत के ‘भगवान’ का। संगीत एक कला है, जिससे भगवान तक पहुंचा जा सकता है। बिना किसी मन्दिर और मस्जिद की ड्योढ़ी तक जाये लेकिन जो भगवान को न मानता हो या जिसे धर्म में आस्था ही न हो, वह ए आर रहमान के संगीत से सजा या…
-
नौशाद अली: कभी फुटपाथ पर सोने वाला बन गया संगीत का जादूगर
भारतीय सिनेमा का एक दौर ऐसा भी था, जब फिल्में संगीत प्रधान हुआ करती थीं, यानि फिल्में अपने गीत और संगीत की वजह से सुपरहिट हो जाती थीं. उस दौर के संगीतकारों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन नौशाद अली के संगीत की बात ही कुछ अलग थी. हिंदी सिनेमा में जिन लोगों को संगीत का…
-

अटल बिहारी वाजपेयी: राजनीति का एक अमर अजातशत्रु
अटल बिहारी वाजपेयी, अगर मैं कहूं कि नाम ही काफी है, तो सच नाम ही काफी है मेरे लिए. मेरा कोई नायक नहीं है जिससे प्रेरणा लेकर कुछ करने का हौंसला मिलता हो. ऐसा नहीं है कि कोई नायक नहीं है, दरअसल ये समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं. नब्बे के दशक में…
-

श्रीनिवास रामानुजन: गणितीय इतिहास की सबसे अबूझ पहेली
विश्व इतिहास पर यदि नजर डालें तो कुछ नाम ऐसे आएंगे जिन्होंने बेहद कम समय में अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया हो. 22 दिसम्बर 1887 को भारत के चेन्नई में जन्में श्रीनिवास रामानुजन ऐसे ही एक विलक्षण प्रतिभा के थे जिन्होंने 32 वर्ष की अल्पायु में दुनिया को विदा कहने से…
-
बहनों और भाइयों, मैं आपका दोस्त अमीन सायानी बोल रहा हूं…
तनु वेड्स मनु फिल्म के बिल्कुल शुरुआत में ही एक रेडियो में फरमाइशी कार्यक्रम चल रहा होता है जिसमें यह आवाज आती है, “बहनों और भाइयों नमस्ते, मैं आपका दोस्त अमीन सायानी बोल रहा हूं. स्वागत है आपके अपने ही फरमाइशी प्रोग्राम में. दोस्तों आज तो बहुत ही अच्छे-अच्छे और प्यारे गीतों की फरमाइशें आई…
-

बर्थडे स्पेशल: एक साल में चालीस फिल्में साइन करने वाला सुपरस्टार
भारतीय सिनेमा का अपना एक दौर रहा है. अपने उम्र की ढलान पर एक बार राजेश खन्ना किसी अवार्ड शो में अमिताभ बच्चन से अवार्ड लेने के बाद अपनी ही फिल्म का एक डायलाग बोलते हैं कि ‘ये भी एक दौर है, वो भी एक दौर था’. उस डायलाग में राजेश खन्ना सिनेमाई दौर के…
-

अजीत आगरकर: वह सितारा जो धुंधला हुआ तो फिर ना चमका
BY: दया सागर आर्य अजीत आगरकर, एक लंबे कद का छरहरा खिलाड़ी, जो दाएं हाथ से मध्यम तेज गेंदबाजी और दाएं हाथ से ही बल्लेबाजी भी करता था। आगरकर, जो नए और पुराने दोनों गेंद से दोनों तरफ स्विंग गेंदबाजी के लिए जाना जाता था और जब वह बैटिंग करने आता था तो उससे लोग…