Category: किताबिया
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बुक रिव्यू: किरदारों को वेश्या बताती ‘वेश्या: एक किरदार’
रिश्तों को एक-एक करके खोते जाना उस वेश्या की तरह एहसास करता है, जो लाख चाहकर भी उसी दुनिया में रहती है, जिसमें वह नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। जिंदगी में ऐसे एहसास लाने वाले किरदारों को ही हिमांशु तिवारी ने ‘वेश्या’ बताया है। छोटी-छोटी कहानियों को पढ़ते-पढ़ते कई बार जिंदगी का आईना आपके…
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बुक रिव्यू: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है
किताब का नाम: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है लेखिका: प्रियंका ओम प्रकाशक: रेडग्रैब बुक्स मूल्य:175 रुपये यह किताब 5 कहानियों का संकलन है। जिसमें से पहली कहानी अगर थोड़ी और बड़ी होती तो शायद वह एक उपन्यास हो जाता। किताब शुरू करने से पहले प्रियंका के बारे में मैं कोई राय नहीं बना पाया…
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बुक रिव्यू: आलोक कुमार की ‘द चिरकुट्स’
अंग्रेजी बोलना पहले फैशन हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे यह सब आधार की तरह जरूरी होता जा रहा है। ऐसे में आजकल की कहानियों में एकाध पात्र जरूर अंग्रेजी से जूझता दिख जाता है। आलोक कुमार की किताब ‘द चिरकुट्स’ में भी एक ऐसा संघर्षरत प्राणी आता है जो वैसे तो बहुत टैलेंटेड है लेकिन…
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बुक प्रीव्यू: वेश्या एक किरदार
पहली किताब हर रीडर के लिए राइटर बन जाने की वह सीमा होती है, जो हर रीडर एक ना एक दिन पार जरूर करना चाहता है। हिमांशु तिवारी ‘आत्मीय’ की किताब का नाम ‘वेश्या: एक किरदार है’। किताब के परिचय में हिमांशु लिखते हैं कि अच्छा बुक का टाइटल पढ़कर कई लोगों के ज़ेहन में…
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बुक रिव्यू: डार्क नाइट- काम, माया और सौंदर्य में उलझी जिंदगी
प्रिया और माया के आकर्षण में डोलता कबीर, उस दोराहे के जंक्शन पर पहुंचता है, जहां उसकी पुरानी कल्पनाएं जीवित होना चाहती हैं। किसके प्रेम में ढलेंगी कबीर की कल्पनाएं? किसकी दहलीज पर जाकर रुकेगा कबीर के ख्वाबों का कारवां? माया या प्रिया? किताब का नाम: डार्क नाइट लेखक: संदीप नैयर प्रथम संस्करण: जनवरी 2018…