Category: बुक रिव्यू
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तुम ठाकुर, मैं पंडित, ये लाला, वो चमार फिर महाब्राह्मण कौन?
किताब- महाब्राह्मण (उपन्यास)लेखक- त्रिलोकनाथ पांडेय समीक्षक- गोविंदा प्रजापति ‘तुम ठाकुर, मैं पंडित, ये लाला और वो चमार!’ भारतीय समाज की संरचना में ‘जाति’ किसी बड़े कंकड़ जैसा है. स्वादिष्ट बिरयानी की मौज उड़ाते हुए जब यह कंकड़ अचानक दांतों के बीच में पड़ता है, तब भयानक दर्द के साथ मुंह से निकलता है- ‘अरे ये…
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दंगों के बीच जूझती एक प्रेम कथा, सत्य व्यास की ‘चौरासी’
किताब में चार किरदार हैं. मुख्य किरदार का नाम ऋषि है. ऋषि भी दंगों से ही सम्बंधित है. ऋषि जिस लड़की से प्रेम करता है, उस लड़की और उसके परिवार को बचाने में वह लड़का खुद किस कदर दंगाई हो जाता है, इस किताब में वही दर्शाया गया है
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बुक रिव्यू: किरदारों को वेश्या बताती ‘वेश्या: एक किरदार’
रिश्तों को एक-एक करके खोते जाना उस वेश्या की तरह एहसास करता है, जो लाख चाहकर भी उसी दुनिया में रहती है, जिसमें वह नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। जिंदगी में ऐसे एहसास लाने वाले किरदारों को ही हिमांशु तिवारी ने ‘वेश्या’ बताया है। छोटी-छोटी कहानियों को पढ़ते-पढ़ते कई बार जिंदगी का आईना आपके…
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बुक रिव्यू: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है
किताब का नाम: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है लेखिका: प्रियंका ओम प्रकाशक: रेडग्रैब बुक्स मूल्य:175 रुपये यह किताब 5 कहानियों का संकलन है। जिसमें से पहली कहानी अगर थोड़ी और बड़ी होती तो शायद वह एक उपन्यास हो जाता। किताब शुरू करने से पहले प्रियंका के बारे में मैं कोई राय नहीं बना पाया…
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बुक रिव्यू: आलोक कुमार की ‘द चिरकुट्स’
अंग्रेजी बोलना पहले फैशन हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे यह सब आधार की तरह जरूरी होता जा रहा है। ऐसे में आजकल की कहानियों में एकाध पात्र जरूर अंग्रेजी से जूझता दिख जाता है। आलोक कुमार की किताब ‘द चिरकुट्स’ में भी एक ऐसा संघर्षरत प्राणी आता है जो वैसे तो बहुत टैलेंटेड है लेकिन…
