कुरुक्षेत्र

युद्ध की संभावना पर क्या कहते कुरुक्षेत्र रचने वाले दिनकर

दिनकर व्यक्ति नहीं रहे। दिनकर एक चेतना हैं। एक राष्ट्र की चेतना। केवल भारत की नहीं, किसी भी स्वाभिमानी राष्ट्र की चेतना। वह वीर रस के कवि माने गए लेकिन उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति उसे मानी गई जिसमें उन्होंने प्रेम लिखा।