लोकतंत्र एक अच्छी व्यवस्था है। बहुत तगड़े बहुमत वाला लोकतंत्र एक बुरी व्यवस्था है। क्योंकि फिर वह लोकतंत्र नहीं कुछ चुने हुए लोगों का तंत्र […]
Tag: राम मंदिर
पॉलिटिकल लव: चलो बिना बहुमत की सरकार बनाते हैं
कल तुम मुझे इग्नोर करके आगे क्यों चले गए? अरे वो दोस्त से मिलना था, तुम तो रोज ही साथ रहती हो, नहीं लग तो […]
6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख
यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े आते हैं तो सच कहता […]