Tag: बुक रिव्यू

  • बुक रिव्यू:  किरदारों को वेश्या बताती ‘वेश्या: एक किरदार’
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    बुक रिव्यू: किरदारों को वेश्या बताती ‘वेश्या: एक किरदार’

    रिश्तों को एक-एक करके खोते जाना उस वेश्या की तरह एहसास करता है, जो लाख चाहकर भी उसी दुनिया में रहती है, जिसमें वह नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। जिंदगी में ऐसे एहसास लाने वाले किरदारों को ही हिमांशु तिवारी ने ‘वेश्या’ बताया है। छोटी-छोटी कहानियों को पढ़ते-पढ़ते कई बार जिंदगी का आईना आपके…

  • बुक रिव्यू: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है
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    बुक रिव्यू: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है

    किताब का नाम: मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है लेखिका: प्रियंका ओम प्रकाशक: रेडग्रैब बुक्स मूल्य:175 रुपये यह किताब 5 कहानियों का संकलन है। जिसमें से पहली कहानी अगर थोड़ी और बड़ी होती तो शायद वह एक उपन्यास हो जाता। किताब शुरू करने से पहले प्रियंका के बारे में मैं कोई राय नहीं बना पाया…

  • निर्मला (हर युग की फेमिनिस्ट नावेल )

    निर्मला (हर युग की फेमिनिस्ट नावेल )

    चेतन भगत की ‘वन इंडियन गर्ल’ पढ़ने वाले सो कॉल्ड ‘फेमिनिस्ट’ पाठक और फेमिनिज्म के नाम पर वैक्स करवाकर औरतों का दुःख समझने वाले लेखकों को फूहड़ और सस्ती साबित करती है प्रेमचन्द जैसे लेखकों की निर्मला जैसी नितांत करुण उपन्यास| प्रेमचंद की ‘निर्मला’ का महिला केन्द्रित साहित्य के इतिहास में अपनी एक अलग जगह…