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Fri, Jan 16, 2026

लोकल डिब्बा

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Tag: भवेश दिलशाद की गजलें

बहुत मुश्किल है अब कुछ भी यक़ीनी तौर पर कहना

बहुत मुश्किल है अब कुछ भी यक़ीनी तौर पर कहना

लोकल डिब्बा टीमJanuary 7, 2021November 24, 2022

फ़लक से तोड़कर क़िस्सा ज़मीनी तौर पर कहनाबहुत मुश्किल है अब कुछ भी यक़ीनी तौर पर कहना. किसे चाहें किसे…

मिलती मुद्दत में है और पल में हँसी जाती है

मिलती मुद्दत में है और पल में हँसी जाती है

लोकल डिब्बा टीमOctober 3, 2019November 24, 2022

आप की याद भी बस आप के ही जैसी है, आ गई यूँही अभी यूँही अभी जाती है।

कभी तो सामने आ बे-लिबास हो कर भी

कभी तो सामने आ बे-लिबास हो कर भी

लोकल डिब्बा टीमMarch 7, 2019

कभी तो सामने आ बे-लिबास हो कर भी, अभी तो दूर बहुत है तू पास हो कर भी. तेरे गले…

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