Tag: लप्रेक

  • पुस्तक समीक्षा: ज़िंदगी को चाहिए नमक

    पुस्तक समीक्षा: ज़िंदगी को चाहिए नमक

    ‘जिंदगी को चाहिए नमक’ किसी साहित्यकार नहीं, एक युवा पत्रकार के क़लम से निकली अनुभूतियों का संग्रह है.

  • लप्रेक: एक ऑफलाइन मुलाकात

    लप्रेक: एक ऑफलाइन मुलाकात

    आज जब तुम मिली तो पता नही क्यों फेसबुक और व्हाट्सऐप की डीपी से ज्यादा सुन्दर लगी ? शायद वास्तविकता की यही खूबसूरती है। वहाँ तो तुम्हे देखकर झटपट लाइक कर दिया करता था, मगर आज मुझे तुम्हें देखना है, देखना है तुम्हारे चेहरे को जिसमें जिंदगी के फिल्टर्स साफ नज़र आ रहे हैं (…