नागार्जुन की खासियत है कि उन्हें कोई अनगढ़ साहित्यकार पढ़े तो भाषाई रूप से समृद्ध हो जाए.
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प्रजातंत्र एक अबूझ पहली है जिसका आधार भ्रम है
प्रजातंत्र के रक्षकों के लिए संविधान सिर्फ एक ढाल बनकर रह गया है जो समय-समय पर इन्हें सत्य पर असत्य…
कविता का सबसे संक्षिप्त रूप-विन्यास है हाइकू
कविताओं के लिए ‘गागर में सागर’ की कहावत तो बहुत पुरानी है। बात चाहे कबीर के दो लाइन और चार चरण वाले…
दुष्यंत कुमारः वह शायर जिसके शेर क्रांति के शंखनाद से कम नहीं
1933 के वक्त के भारत की बात करें तो आजादी का संग्राम और देशभक्ति से ओत-प्रोत साहित्य अपने पूरे उफान…