Tag: bjp

  • अरे भइया! मोदीजी तो बस ले रहे हैं
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    अरे भइया! मोदीजी तो बस ले रहे हैं

    क्या भइया, इतने बड़े सेठ हो फुटकर नहीं है? दिनभर नोट ही छाप रहे हो और पांच सौ का खुल्ला नहीं है। क्यों मज़े ले रहे हो साहब! आजकल सब हमारी ले ही रहे हैं, आप काहें छोड़ोगे? मैंने ऐसा क्या कह दिया साहब? कुछ नहीं भाई, आप व्यंग्य मार रहे हो, मोदी जी मुनाफा…

  • तो क्या केजरीवाल ने इस बार रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी?
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    तो क्या केजरीवाल ने इस बार रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी?

    मैं खुद आम आदमी पार्टी को उसके जन्म से जानता हूं, समझता हूं और काफी हद तक सहानुभूति रखता ‘था’। जी हां, रखता था। यह कहना है कई सारे ‘आप’ वालंटियर्स का। बुधवार को दिल्ली की 3 राज्यसभा की सीटों के लिए आम आदमी पार्टी यानी अरविंद केजरीवाल ने संजय सिंह (आप प्रवक्ता), सुशील गुप्ता…

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    सपनों के ‘सी-प्लेन’ पर उड़ता एक आम नागरिक

    आज पापा का मेरे ‘स्वदेशी’ वाले नम्बर पर कॉल आया। बोल रहे थे कि देश में इतना सौहार्द और भाईचारा वाला माहौल बना हुआ है इसलिए घर पर आओ कुछ दिन अपने भाइयों के साथ भाईचारे और हमारे साथ सौहार्द से रह लेना। मैं पूछा कैसे आऊं? तो पापा ने इतना ही कहा था कि…

  • पॉलिटिकल लव: क्या मेरा ‘विश्वास’ तोड़ दोगे?

    तुम मेरे लिए कुछ नया कब करोगे? देखो, मैंने तुम्हारे लिए साल को नया कर दिया। चलो फिर न्यू ईयर गिफ्ट दो। अच्छा जी सब मैं ही करूँ? गिफ्ट तुम दो। तुम मेरे हर मेसैज का रिप्लाई करोगे ना? अरे हां बाबा मैं तुम्हारे गुड मॉर्निंग का भी रिप्लाई करूँगा। मुझे मेरे hmm का भी…

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    नरेन्द्र मोदी आज भी केजरीवाल से असुरक्षित महसूस करते हैं?

    आज दिल्ली मेट्रो की एक और लाइन शुरू हो रही है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मेट्रो “एक धक्का और दो” करने नोएडा पहुँच रहे हैं। अपने मफलरमैन भाई इदर पड़ोसी ‘राज्य’ के सीएम कहे जाते हैं। नोएडा में इस लाइन के कुछ ही स्टेशन पड़ते हैं लेकिन इसका उद्घाटन दिल्ली की…

  • क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिए हैं?
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    क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिए हैं?

    गुजरात-हिमाचल विधानसभा के नतीजे सामने आ चुके हैं और दोनों ही जगह जीत भारतीय जनता पार्टी की हुई है, इस जीत पर उन्हें बधाई। आज कांग्रेस के लिए दो मौके ऐसे भी आए, जिससे उन्हें शायद जरूर ही खुशी मिली होगी। पहला वो सुबह का एक घंटा जिसमे कांग्रेस ने बढ़त बनाने के साथ-साथ भारतीय…

  • 6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख
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    6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख

    यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े आते हैं तो सच कहता हूं कि आप के दिमाग में सिर्फ भूसा भरा है। हल्ला करते हुए नहीं मन में शांति से ‘जय श्री राम’ बोलिए मन को शांति मिलेगी और आंखों पर से…

  • यूपी: चुनाव खत्म होते ही लगा 15 पर्सेंट का करंट
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    यूपी: चुनाव खत्म होते ही लगा 15 पर्सेंट का करंट

    यूपी के निकाय चुनावों में काउंटिग से पहले ही बिजली के बढ़े दामों ने आम जनता को ‘छुआ’ दिया है। एकदम भन्न से घोषणा की गई है कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दामों में 12 से 15 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी की जा रही है। जाहिर है, अगर यही कदम चुनाव से पहले…

  • पॉलिटिकल भक्ति: समयानुसार “जय श्री राम”

    पॉलिटिकल भक्ति: समयानुसार “जय श्री राम”

    “जय श्री राम” बड़ा ही करिश्माई नारा है| सच में इसका उच्चारण करते ही “भक्तों” की छाती पूरे 56 इन्च फूल जाती है, जैसे किसी राष्ट्रवादी पम्प से हवा भर दी गई हो | कितनी कमाल की बात है न! लोग अपने सारे दुख, नोटबन्दी और जी0एस0टी0 की “सफ़लता” और पागल हो रहे विकास को…

  • यक्ष प्रश्न: जांच सीडी की होनी चाहिए या विनोद वर्मा की?
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    यक्ष प्रश्न: जांच सीडी की होनी चाहिए या विनोद वर्मा की?

    पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता बड़ा पुराना रहा है यह हम बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। दोनों हॉरलिक्स और बॉर्नवीटा की तरह समकालीन रही हैं और समय-समय पर अपनी जात दिखाती रहीं हैं। पहले के विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों की बातूनी भाषा में पत्रकारिता और राजनीति के बारे में बड़े शुद्ध विचार रहे थे।…