Tag: bjp
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हरित क्रांति के नाम पर यूं कंपनियों के गुलाम बन गए किसान
देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान कर्जमाफी की मांग को लेकर 180 किलोमीटर पैदल यात्रा भी करते हैं लेकिन कभी यह सवाल सामने नहीं आता है कि कर्ज की वजहें क्या हैं? और कब से ये…
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धीरे-धीरे भरोसा हो रहा है कि पार्लियामेंट में डकैत ही होते हैं
इरफान खान की फिल्म सामने चल रही थी, फिल्म में डायलॉग आता है, ‘ बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पाल्लियामेंट में।’ पान सिंह तोमर नाम की फिल्म के इस डायलॉग ने एक बार सोचने को मजबूर कर दिया। उस समय तो यह डायलॉग पसंद नहीं आया था लेकिन धीरे-धीरे खबरें पढ़ते और…
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भक्तो! मजबूर तुम हो, बीजेपी और अमित शाह नहीं
विकल्पहीनता धीरे-धीरे निरंकुशता को जन्म देती है। भारतीय राजनीति में भी एक बार फिर से यह प्रासंगिक हो चला है। इंदिरा-संजय गांधी की जोड़ी के बाद अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी हर जगह वही करती है, जो वो चाहती है। इंदिरा ने भी संगठन में खुद से बड़ा किसी को बनने नहीं…
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पॉलिटिकल लव: चलो बिना बहुमत की सरकार बनाते हैं
कल तुम मुझे इग्नोर करके आगे क्यों चले गए? अरे वो दोस्त से मिलना था, तुम तो रोज ही साथ रहती हो, नहीं लग तो ऐसा रहा था जैसे मैं मार्गदर्शन मंडल की सदस्य हूं। अरे बाबा तुम ना इतना मत सोचा करो, तुम्हारी हरकतें सोचने पर मजबूर कर देती हैं मुझे। तुम मेरी याद…
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मूर्तियां तोड़ने/बनाने से विचारधारा खत्म/स्थापित हो जाती है?
त्रिपुरा में लेफ्ट और राइट की लड़ाई के कुछ प्रत्याशित परिणाम नजर आने लगे हैं। पहले बीजेपी नेता हेमंत बिस्व शर्मा ने त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री को केरल या बांग्लादेश चले जाने की सलाह दी फिर कुछ उपद्रवियों द्वारा त्रिपुरा के बेलोनिया में व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया, जिसे एक बीजेपी नेता…
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त्रिपुरा में ढहा लाल दुर्ग, चुनावी रिंगमास्टर बने अमित शाह
भाजपा ने त्रिपुरा में वाम की ढाई दशक साल पुरानी सरकार से सत्ता छीन ली है। कई अन्य राज्यों की तरह यहां पर भी कांग्रेस का सफाया हो गया है। बीजेपी दो तिहाई सीट लेकर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
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क्या सिर्फ मोदी से सवाल पूछकर राहुल गांधी पीएम बन जाएंगे?
पिछले साल अमेरिका से आने के बाद राहुल गांधी देश के एक प्रखर वक्ता के रूप में उभरे हैं। उनकी भाषण कला में अचानक से बदलाव आया है। जिस कारण लोग उन्हें सुनने भी लगे हैं। राजनीति में भाषण कला को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय सियासत में कभी अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बेबाक वक्ता…
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क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?
लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू एक बार फ़िर विवादों में घिर गया है।इस बार विवाद की जड़ है नाथूराम गोडसे का मंचन किया जाना। आरोप है कि कला संकाय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “संस्कृति 2018” में कुछ छात्रों ने नाथूराम गोडसे…
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राजीव गांधी ने जो श्रीलंका में किया मोदी वही मालदीव में करेंगे?
मालदीव में सत्ता और न्यायालय के टकराव के बाद स्थिति गंभीर है। मालदीव का विपक्ष और कोर्ट भारत से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि भारत की सेना को आदेश दिए गए हैं कि वह मालदीव रवाना होने के लिए तैयार रहे।…
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वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया नहीं हुआ, विगत वर्षों में मनाए गए गणतंत्र दिवस में और आज 69वें गणतंत्र दिवस पर, कुछ बदलता भी है तो वह है गिनती, 68वां मनाया था, 69वां मना रहे हैं और 70वां मनाएंगे, सुबह…