Tag: political love
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पॉलिटिकल लव: क्या मेरा ‘विश्वास’ तोड़ दोगे?
तुम मेरे लिए कुछ नया कब करोगे? देखो, मैंने तुम्हारे लिए साल को नया कर दिया। चलो फिर न्यू ईयर गिफ्ट दो। अच्छा जी सब मैं ही करूँ? गिफ्ट तुम दो। तुम मेरे हर मेसैज का रिप्लाई करोगे ना? अरे हां बाबा मैं तुम्हारे गुड मॉर्निंग का भी रिप्लाई करूँगा। मुझे मेरे hmm का भी…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में क्या सिर्फ ओवरटाइम होता है?
तुम क्या करने वाली हो? मैं प्यार में कानून लाने वाली हूँ, देखो, कानून ऐसा लाना जो दोनों के लिए सही हो। अरे, तुम चिंता मत करो यूपी वाला हाल नहीं होगा। तुम ना प्यार में बड़े घोटाले करने लगे हो। हां, क्योंकि सुना है घोटाले वालों को सज़ा नहीं हो रही आजकल, लगता है…
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पॉलिटिकल लव: प्यार को सुप्रीम कोर्ट की तरह सीरियस लो
तुम इतने गोरे कैसे हो रहे हो? अरे घर पर रहने का यही फायदा है, मुझे लगा तुम भी मशरूम खाने लगे हो! अरे नहीं इतना पैसा नहीं है मेरे पास की 80 हज़ार का मशरूम खाऊं, अच्छा चलो फेयर हैंडसम लगा लेना, हमारा प्यार कैसा लगता है तुम्हें? बिल्कुल विकास की तरह. देखो, कहीं…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में ईवीएम जैसा बहाना मत बनाना
हमारे प्यार में कितनी बँधाएं हैं ना? कितनी भी हों राम मंदिर से कम ही हैं, वैसे राम मंदिर की बंधाएं दूर हो गई हैं, तुम भी क्या नागपुर वालों पर भरोसा कर लेती हो, तुम मेरा दिल कैसे जीतोगे? वैसे ही जैसे बीजेपी निकाय चुनाव जीतती है, देखो ईवीएम में कुछ गड़बड़ मत…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं
तुम भी भारतीय रेल हो गए हो अरे क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो? जब देखो जब तुम्हारी हालत खस्ता ही नजर आती है. हाहाहा, कहो तो वास्कोडिगामा बन जाऊं रहने दो आज वो भी पटरी से उतर गए. अच्छा तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? उतना ही जितना पाकिस्तान हाफिज सईद से, यानी…
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पॉलिटिकल लव: कहां लिखा है कि प्यार में चॉकलेट देना ही है?
अच्छा ये कहां लिखा है कि प्यार में चॉकलेट देना ही है! लिखा तो ये भी नहीं है दिल्ली देश की राजधानी है! हाहाहाहा, ये भी सही बोली तुम तो लाओ मेरी चॉकलेट बिना सवाल किए हुए। तुम हर बार मेरी अक्स का मुद्दा लेकर बैठ जाती हो, अरे तो तुमने कांड ही इतने किए…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में पैराडाइज चलते हैं…
तो तैयार हो न तुम? क्यों तुम कोई बड़ा बदलाव करने वाली हो क्या प्यार में? सोच रही हूँ कुछ बदल ही लेते हैं अपने इस प्यार में.. अरे, रहने दो पिछले साल जो बदली थी वो आज तक भुगत रहे हैं… हाहाहा, देखो कुछ तो करूँगी ही नवंबर आ गया है देखो जो भी…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं
चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं हां सोच रहा हूँ प्यार में राष्ट्रीय भोजन ले आऊँ लेकिन देखना खिचड़ी जैसा बोरिंग भोजन मत ले आना तुम बीमार थोड़ी हो जो तुम्हें खिचड़ी खिलाऊँ आज कल बड़े-बड़े फैसले लेने लगे हो, क्या बात है? बस कुछ बदलाव का मन कर रहा था चलो सही है…
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पॉलिटिकल लव: प्यार का हंगर इंडेक्स कितना है?
तुम इतने लिंक क्यों हो मुझ से? बस डर गया कि कही लिंक न हुआ तो जान न चली जाए, तुम लिंक नहीं करोगे तब भी प्यार का राशन पूरा मिलेगा तुम्हें, फिर ठीक है, तुम सरकार से कितनी अलग हो ना, लव यू! अच्छा इतने सैड मत हो ये बताओ क्या बना रहे हो…
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पॉलिटिकल लव: मैं तुमसे उतना प्यार करती हूं जितना मीडिया बाबा से
चलो हम भी कुछ बदलते हैं क्यों? तुम मुझसे खुश नहीं हो क्या? ऐसी कोई बात नहीं है, बस कुछ बदलाव का मन कर रहा था। बदलाव मन का है या नई कैबिनेट का? अरे! चिंता मत करो तुम्हारा सिर्फ प्रमोशन ही होगा। पता है, आज कल मुझे तुम्हारे अलावा कुछ नहीं दिखता। बिलकुल…