जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.
जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.