Posted in साहित्य चस्का नीली बत्ती का और काम पप्पू पंचर वाले Estimated read time 1 min read Posted on January 28, 2018January 28, 2018 by sankarshanshukla बेटवा! जेतना मन हो उतनी मटरगश्ती करना लेकिन माथे पर तुमको नीली बत्ती ठोकवा कर ही वापस आना है। ये…